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    मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से हटाए जाएंगे 15 बैंकों के नाम, MSME विभाग ने संबद्धता समाप्त करने का भेजा प्रस्ताव

    Updated: Fri, 10 Apr 2026 03:21 PM (IST)

    एमएसएमई विभाग ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना में लक्ष्य पूरा न होने पर गंभीर रुख अपनाया है। 15 बैंकों ने युवाओं को ऋण देने में रुचि नहीं दिखा ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. 15 बैंकों ने युवा उद्यमी योजना में रुचि नहीं दिखाई।

    2. MSME विभाग ने उनकी संबद्धता समाप्त करने का प्रस्ताव भेजा।

    3. योजना का लक्ष्य 10 लाख युवाओं को ऋण प्रदान करना।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना का लक्ष्य न पूरा होने के मामले को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग ने गंभीरता से लिया है। योजना के तहत युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए शासन के निर्देश पर एमएसएमई विभाग ने 40 बैंकों को संबद्ध किया था। इनमें से 15 बैंकों ने युवाओं को ऋण देने में कोई रुचि नहीं दिखाई। नतीजतन वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति के बाद अब इन बैंकों की संबद्धता समाप्त करने के लिए एमएसएमई विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा है।

    मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर 24 जनवरी 2024 को किया था। योजना के तहत शासन ने 10 वर्षों में 10 लाख युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए बिना ब्याज व गारंटी के पांच लाख रुपये तक का ऋण देने का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2024 में योजना जनवरी में माह में शुरू होने के कारण वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक लाख युवाओं को ऋण वितरित करने का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सका था।

    नतीजतन वित्तीय वर्ष 2025-26 में शासन ने एमएसएमई विभाग को 1.50 लाख युवाओं को ऋण वितरित करने का लक्ष्य दिया था। पिछले 31 मार्च तक इस लक्ष्य के सापेक्ष एमएसएमई विभाग 1.45 लाख युवाओं को ही ऋण वितरित कर सका। लक्ष्य पूरा न होने पर योजना के साथ संबद्ध किए गए बैंकों की समीक्षा करने के बाद 15 बैंकों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने युवाओं को ऋण वितरित करने में कोई रुचि नहीं ली थी।

    एमएसएमई विभाग के सूत्रों के अनुसार इन बैंकों में एयू स्माल फाइनेंस बैंक, कैथोलिक सीरियन बैंक लिमिटेड, सिटी यूनियन बैंक लिमिटेड, डीसीबी बैंक लिमिटेड, धनलक्ष्मी बैंक लिमिटेड, आइडीएफसी फर्स्ट बैंक लिमिटेड,जना स्माल फाइनेंस बैंक, कर्नाटका बैंक, कोटक महेंद्रा बैंक लिमिटेड, पूर्वांचल बैंक, शिवालिक स्माल फाइनेंस बैंक, साउथ इंडियन बैंक, उज्जीवन स्माल फाइनेंस बैंक, यूनाइटेड स्माल फाइनेंस बैंक व यस बैंक शामिल हैं। विभाग की कोशिश है कि इन बैंकों की संबद्धता समाप्त कर इनके स्थान पर अन्य बैंकों को संबद्ध किया जाए।

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