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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ghosi Bypoll Result : NDA बनाम I.N.D.I.A. का सेमीफाइनल, कई दिग्गजों की साख लगी दांव पर

    By Jagran NewsEdited By: Abhishek Pandey
    Updated: Wed, 06 Sep 2023 08:24 PM (GMT+05:30)

    Ghosi Bypoll Result वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले हुए मऊ की घोसी विधानसभा सीट के उपचुनाव में एनडीए व आइएनडीआइए गठबंधन के दमखम की भी परीक्षा हो रही ...और पढ़ें

    Ghosi Bypolls Results: घोसी में जीत पर टिकी कई दिग्गजों की साख
    Ghosi Bypolls Results: घोसी में जीत पर टिकी कई दिग्गजों की साख

    Ghosi Bypoll Result- राज्य ब्यूरो, लखनऊ : वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले हुए मऊ की घोसी विधानसभा सीट के उपचुनाव (Ghosi By Election) में 'एनडीए' व 'आइएनडीआइए' गठबंधन के दमखम (NDA vs I.N.D.I.A) की भी परीक्षा हो रही है। सेमीफाइनल के तौर पर देखे जा रहे इस उपचुनाव में दोनों ही गठबंधनों की यह पहली परीक्षा है, जिसका परिणाम शुक्रवार आठ सितंबर को आएगा।

    यह उपचुनाव (Ghosi Bypoll) दोनों ही दलों के कई दिग्गज नेताओं का भविष्य भी तय करेगा। सपा विधायक रहे दारा सिंह चौहान के इस्तीफा देने से रिक्त हुई घोसी विधानसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा ने दारा सिंह चौहान को अपने टिकट से लड़ाया हैं वहीं, सपा ने यहां से अपने पुराने धुरंधर नेता व पूर्व विधायक सुधाकर सिंह पर दांव लगाया है। (Dara Singh Chauhan vs Sudhakar Singh)

    बसपा ने नहीं उतारा प्रत्याशी

    इस चुनाव में बसपा व कांग्रेस मैदान में नहीं हैं। कांग्रेस व रालोद ने सपा का समर्थन किया है। उपचुनाव में जहां NDA के सहयोगी दल ताकत लगाए हुए थे वहीं सपा के समर्थन में I.N.D.I.A के सहयोगी भी ताल ठोंके हुए थे।

    भाजपा के समर्थन में सुभासपा, निषाद और अपना दल (एस) प्रचार में डटे रहे। सपा अध्यक्ष अखिलेश (Akhilesh Yadav) के लिए भी यह सीट प्रतिष्ठा का विषय बनी हुई थी। यही वजह है कि उपचुनाव (Ghosi Bypoll) में उन्होंने न सिर्फ अपने प्रमुख नेताओं को झोंका बल्कि खुद भी प्रचार के लिए गए।

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    घोसी से तय होगा अखिलेश के पीडीए दांव का भविष्य

    यदि सपा उपचुनाव जीतती है तो लोकसभा चुनाव से पहले उसके कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, साथ ही भाजपा पर अखिलेश और हमलावर हो जाएंगे। अखिलेश अपने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले को भी और विस्तार देंगे। पीडीए फार्मूले के लिए घोसी विधानसभा सीट जातीय समीकरण के लिहाज से एकदम फिट बैठती है।

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    ऐसे में चुनाव सपा जीतती है तो यह माना जाएगा कि उसका पीडीए फार्मूला कारगर रहा। चुनाव यदि भाजपा जीतती है तो वह यह संदेश देगी कि प्रदेश में उसकी धमक कायम है। अति पिछड़े व दलित उसके साथ हैं। अखिलेश का पीडीए फार्मूला फेल हो चुका है। उपचुनाव के परिणाम सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर का भी भविष्य तय करेंगे।

    घोसी में दांव पर लगी एके शर्मा की साख

    घोसी (Ghosi Bypoll) में राजभर मतदाता अच्छी खासी तादाद में हैं। राजभर (OP Rajbhar in Ghosi) ने उनके बीच खूब प्रचार किया है। वे अखिलेश यादव से नाता तोड़कर एनडीए में शामिल हुए हैं। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा भी घोसी के रहने वाले हैं। वे भी प्रचार के लिए पूरे समय यहां डटे रहे। यहां पर भूमिहार बिरादरी के भी काफी अधिक मतदाता हैं। ऐसे में उनका कद भी यह चुनाव तय करेगा।

    सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव भी मैनपुरी लोकसभा सीट के उपचुनाव की तर्ज पर घोसी (Shivpal Yadav in Ghosi) में डटे रहे। उन्होंने जमकर प्रचार किया और पूरे समय यहां रहकर प्रचार अभियान की कमान संभाली। ऐसे में सपा चुनाव जीतती है तो शिवपाल यादव पार्टी में और मजबूत हो जाएंगे। (Ghosi Bypoll Result)