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    यूपी ने राजस्व मामलों के निस्तारण में बनाया रिकॉर्ड, अप्रैल में सुलझाए गए 3.37 लाख से ज्यादा केस; लखनऊ और जौनपुर ने गाड़े झंडे

    Updated: Sat, 02 May 2026 05:05 PM (GMT+05:30)

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त निगरानी में उत्तर प्रदेश ने अप्रैल में 3.37 लाख से अधिक राजस्व मामलों का निस्तारण कर रिकॉर्ड बनाया है। राजधानी लखनऊ ...और पढ़ें

    उत्तर प्रदेश में राजस्व मामलों के निस्तारण में नया कीर्तिमान

    उत्तर प्रदेश में राजस्व मामलों के निस्तारण में नया कीर्तिमान

    HighLights

    1. अप्रैल में 3.37 लाख से अधिक राजस्व मामले निपटाए गए।

    2. लखनऊ ने सर्वाधिक 18,861 मामले निस्तारित कर प्रदेश में प्रथम स्थान पाया।

    3. जौनपुर जनपद स्तरीय न्यायालयों और DM कोर्ट में अव्वल रहा।

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है। सीएम योगी हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते हैं। योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की अप्रैल माह की जारी रिपोर्ट में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में मामलों को निस्तारित किया गया है जबकि जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है। जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में पिछले 16 माह से जौनपुर टॉप फाइव जिलों में बना हुआ है।

    लखनऊ में सबसे अधिक कुल 18,861 मामले निस्तारित
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व विवादों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल जनता को त्वरित न्याय दिलाना है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देना है। इसी के तहत सभी जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में पूरे प्रदेश में कुल 3,37,708 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 18,861 मामले निस्तारित किए गए, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इसके बाद प्रयागराज कुल 12,036 मामलों को निस्तारित कर पूरे प्रदेश में दूसरे, बाराबंकी 9,139 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है।

    आजमगढ़ ने 8,483 मामले निस्तारित कर प्रदेश में चौथा स्थान किया प्राप्त
    आजमगढ़ ने 8,483 मामले निस्तारित कर प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। आजमगढ़ जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप राजस्व मामलों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जनशिकायतों के समयबद्ध समाधान के लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रहीं हैं। राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर निपटाया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि आजमगढ़ ने अप्रैल में राजस्व मामलों के निस्तारण में चौथा स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह बरेली ने 8,483 मामले निस्तारित कर पांचवां और जौनपुर ने 8,274 मामलों का निस्तारण कर छठवां स्थान प्राप्त किया है।

    जनपद स्तरीय न्यायालयों में जौनपुर ने मारी बाजी, 535 मामले किए निस्तारित
    जौनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार राजस्व मामलों को निस्तारित किया जा रहा है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू की अप्रैल माह की राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के निर्धारित मानक के निस्तारण से अधिक मामलों का निस्तारण किया है। जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के प्रति माह निस्तारण के मानक 250 के सापेक्ष 535 मामलों का निस्तारण किया है। इसका अनुपात 214.00 प्रतिशत है। इसी के साथ जनपदीय न्यायालय में राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जबकि मानक 350 के सापेक्ष 370 मामलों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर सुल्तानपुर और मानक 190 के सापेक्ष 199 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर गाजीपुर है।

    जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित मामलों में भी जौनपुर ने मारी बाजी
    वहीं अप्रैल में जौनपुर के जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 70 मामलों का निस्तारण कर 233.33 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जो प्रदेश भर में सबसे अधिक है और जौनपुर प्रदेश भर में पहले स्थान पर है। मऊ के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 70 मामले निस्तारित किए गये। वहीं, मैनपुरी के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 58 मामले निस्तारित किए गये। इसी तरह जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित किए गये मामलों में मऊ दूसरे और मैनपुरी तीसरे स्थान पर हैं।