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यूपी में घाघरा नदी फिर खतरे के निशान के करीब, कई जिलों में बाढ़ और कटान का बढ़ा खतरा

Published: Sun, 02 Aug 2026 06:50 AM (IST)

प्रदेश में लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। घाघरा, ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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HighLights

  1. घाघरा बहराइच और गोंडा में लाल निशान के बेहद करीब।

  2. कासगंज में गंगा खतरे के निशान को पार कर गई।

  3. प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ और कटान का खतरा।

जागरण टीम, लखनऊ। प्रदेश में लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। सबसे अधिक चिंता घाघरा नदी को लेकर है, जो बहराइच और गोंडा में लाल निशान के बेहद करीब पहुंच गई है। इससे तटवर्ती गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा फिर बढ़ गया है।

वहीं, कासगंज में गंगा खतरे के निशान को पार कर 162.54 मीटर पर पहुंच गई है। इससे जिले के लगभग 140 तटीय गांवों पर बाढ़ का खतरा गहरा गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

बहराइच में एल्गिन ब्रिज पर बीते 24 घंटे में घाघरा का जलस्तर 17 सेंटीमीटर बढ़ा है। बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से केवल नौ सेंटीमीटर नीचे बह रही है, जबकि गोंडा में घाघरा लाल निशान से महज 15 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गई है। पानी बढ़ने पर तरबगंज और कर्नलगंज क्षेत्र के गांव प्रभावित हो सकते हैं। सीतापुर में घाघरा और शारदा नदियों का पानी खेतों और गांवों में फैल गया है। रामपुर मथुरा, बेहटा और रेउसा क्षेत्र के करीब 130 तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

लखीमपुर में शारदा नदी का जलस्तर पांच सेंटीमीटर घटा है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अयोध्या में सरयू का जलस्तर 23 सेंटीमीटर और अंबेडकरनगर में 20 सेंटीमीटर बढ़ा है। श्रावस्ती और बलरामपुर में राप्ती नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है।

पूर्वांचल में वाराणसी और मीरजापुर में गंगा का जलस्तर घटा है, जबकि गाजीपुर में गंगा धीरे-धीरे बढ़ रही है। बलिया में सरयू किनारे कटान से एक मकान और सात किसानों के खेत नदी में समा गए हैं।

मऊ में जलस्तर स्थिर है, लेकिन कई गांवों पर कटान का खतरा बना हुआ है। आजमगढ़ में सरयू का जलस्तर 17 सेंटीमीटर घटा है, लेकिन बैराजों से 2.65 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण फिर बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है।

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