यूपी के स्कूलों में बनेगा 'हीट एक्शन प्लान', भीषण गर्मी से बच्चों को बचाने के लिए नई गाइडलाइन जारी
भीषण गर्मी और हीट वेव के खतरे को देखते हुए यूपी के बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। ...और पढ़ें
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HighLights
हर स्कूल में हीट एक्शन प्लान बनाना अनिवार्य।
बच्चों को हर 20-30 मिनट पर पानी पिलाएं।
शिक्षकों को हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानने का प्रशिक्षण।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। भीषण गर्मी और हीट वेव के बढ़ते खतरे को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को विशेष सतर्कता बरती जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों के लिए नई गाइडलाइन जारी करते हुए हर स्कूल में हीट एक्शन प्लान बनाने के लिए निर्देश दिए हैं। साथ ही बच्चों को हर 20 से 30 मिनट के अंतराल पर पानी पीने के लिए प्रेरित करने, ऑरेंज और रेड हीट अलर्ट के दौरान सभी बाहरी गतिविधियां रोकने तथा प्रार्थना सभा, खेलकूद और अन्य खुले में होने वाले कार्यक्रम सुबह 10 बजे से पहले कराने को कहा गया है।
अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा के निर्देश पर तैयार 'हीट-संबंधी बीमारियों के प्रति विद्यार्थियों के संवेदनशीलकरण के लिए शिक्षकों के लिए दिग्दर्शिका' में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम बताई गई है। शिक्षकों को हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानने, प्राथमिक उपचार देने तथा बच्चों को गर्मी से बचाव के उपाय सिखाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विद्यालयों में 'क्या करें और क्या न करें' संबंधी पोस्टर लगाकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और विद्यालय समुदाय को भी जागरूक किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में स्वास्थ्य नोडल शिक्षक नामित होगा। फर्स्ट एड किट, ओआरएस, डिजिटल थर्मामीटर और 108 एंबुलेंस सहित आवश्यक चिकित्सा संपर्क की व्यवस्था रखी जाएगी।
जलयुक्त फलों का सेवन करने की सलाह
विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, कार्यशील पंखे, पर्याप्त वेंटिलेशन, छायादार स्थान, पौधारोपण तथा जहां संभव हो कूल रूफ और रिफ्लेक्टिव पेंट जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। दिग्दर्शिका में बच्चों को हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, टोपी या छाते का उपयोग करने व तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी जैसे जलयुक्त फलों का सेवन करने की सलाह दी गई है।
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अत्यधिक पसीना, तेज प्यास, सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी, उल्टी, भ्रम या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर बच्चे को तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर प्राथमिक उपचार देने के निर्देश दिए गए हैं। अस्थमा, हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा, दिव्यांगता या हाल में बीमार रहे बच्चों की विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
अभिभावकों से बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाकर विद्यालय भेजने और अस्वस्थ होने पर घर पर ही रखने की अपील की गई है। साथ ही विद्यालयों को मौसम विभाग के हीट अलर्ट पर लगातार नजर रखने, हीट वेव से जुड़ी घटनाओं का रिकार्ड तैयार करने और समय-समय पर माक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश हैं।