Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यूपी गरीब परिवारों की लाड़लियों को मिला सरकार का साथ, शादी अनुदान योजना में आए 82 हजार आवेदन; सीधे खाते में पहुंच रही मदद

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 07:49 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश सरकार की शादी अनुदान योजना कमजोर वर्ग की बेटियों के लिए बड़ी आर्थिक राहत बनी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 14 हजार से अधिक बेटियों क ...और पढ़ें

    यूपी में गरीब परिवारों की बेटियों को मिला शादी अनुदान योजना का सहारा

    यूपी में गरीब परिवारों की बेटियों को मिला शादी अनुदान योजना का सहारा

    HighLights

    1. 14 हजार से अधिक बेटियों को 29.43 करोड़ रुपये की मदद।

    2. चालू वित्तीय वर्ष में 82 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त।

    3. ₹20,000 की सीधी आर्थिक सहायता डीबीटी के माध्यम से।

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के जीवन को संवार रही हैं। विशेष रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संचालित 'शादी अनुदान योजना' बेटियों के विवाह में एक बड़ी आर्थिक राहत बनकर उभरी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती कुछ महीनों में ही इस योजना को लेकर जनता में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। रिकॉर्ड संख्या में आए आवेदनों के बीच अब तक 14 हजार से अधिक बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक मदद जारी की जा चुकी है, जो यह दर्शाता है कि सरकार की नीतियां सीधे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रही हैं।

    14717 लाभार्थियों के खातों में पहुंचे ₹29.43 करोड़

    डिजिटल व्यवस्था और पारदर्शिता के दम पर योगी सरकार ने इस योजना के तहत बिचौलियों की भूमिका को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक विभाग को 82 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से जांच के बाद पात्र पाए गए 14,717 लाभार्थियों को योजना का सीधा लाभ दिया जा चुका है। सरकार की ओर से कुल 29.43 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सकी है।

    इस साल 1.05 लाख आवेदकों को लाभ देने की तैयारी

    बेटियों की शादी को समाज में एक बड़ी जिम्मेदारी माना जाता है, और इसी आर्थिक चिंता को दूर करने के लिए योगी सरकार ने इस वर्ष बड़ा लक्ष्य तय किया है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 1 लाख 5 हजार पात्र आवेदकों को इस योजना से जोड़ने का संकल्प लिया है। शुरुआती महीनों में ही बड़ी संख्या में आए आवेदन इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि इस कल्याणकारी योजना पर जनता का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र परिवार इस लाभ से वंचित न रहे।

    20 हजार की सीधी सहायता

    इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी के विवाह के लिए ₹20,000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹1 लाख तक होनी चाहिए। इसके साथ ही विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य है। सरकार ने इस प्रक्रिया को और अधिक मानवीय बनाते हुए आवेदन में दिव्यांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित तथा भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था की है।

    खबरें और भी

    पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध

    योजना की प्रगति पर जानकारी देते हुए पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में एक महत्वपूर्ण संबल साबित हो रही है। मात्र कुछ महीनों के भीतर ही 82 हजार से अधिक आवेदन आना इस बात का प्रमाण है कि योजना धरातल पर पूरी तरह सफल है। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में विभाग पिछड़े वर्ग के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है और सभी पात्रों तक समयबद्ध सहायता पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।