यूपी में कौशल विकास पर 1725 करोड़ खर्च करेगी योगी सरकार, युवाओं के रोजगार के लिए 75 जिलों में तैयार होंगे 9 जोन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना को मंजूरी दी है।

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HighLights
सरदार पटेल कौशल प्रशिक्षण योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिली।
75 जिलों को 9 जोन में बांटकर युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण।
योजना पर तीन वर्षों में 1725 करोड़ रुपये होंगे खर्च।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों को नौ जोन में बांटकर कौशल प्रशिक्षण और रोजगार का एकीकृत तंत्र विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित कर देश-विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत पहले चरण में लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, गौतमबुद्ध नगर और झांसी में पांच प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र के लिए 10 से 25 एकड़ भूमि की व्यवस्था की जाएगी। प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्रों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए दो वर्ष के भीतर चार लेन की सड़क सुविधा विकसित करने का प्रविधान भी किया गया है। साथ ही युवाओं को तकनीकी और गैर-तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
रोजगार सहायता प्रकोष्ठ की होगी सुविधा
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, पालिटेक्निक और इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि वाले युवाओं को तकनीकी कौशल में दक्ष बनाया जाएगा। अन्य विषयों के युवाओं को आधारभूत प्रशिक्षण मिलेगा। विदेश में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए भारतीय और विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। केंद्रों में छात्रावास, सेवायोजन कार्यालय और रोजगार सहायता प्रकोष्ठ की सुविधा होगी।
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योजना पर तीन वर्षों में 1725 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रशिक्षण की गुणवत्ता और रोजगार की निगरानी के लिए डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) का उपयोग किया जाएगा। प्रदेश में लगभग 96 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम हैं। योजना से उद्योगों को कुशल कामगार उपलब्ध कराने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
