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    यूपी में स्मार्ट मीटरों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे पावर कारपोरेशन, उपभोक्ता परिषद ने की मांग

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 09:30 PM (IST)

    राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने उत्तर प्रदेश में 47 लाख उपभोक्ताओं के विद्युत भार वृद्धि पर सवाल उठाया है। परिषद ने स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता जांच रि ...और पढ़ें

    स्मार्ट मीटरों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे पावर कारपोरेशन।

    स्मार्ट मीटरों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे पावर कारपोरेशन।

    HighLights

    1. 47 लाख उपभोक्ताओं के विद्युत भार वृद्धि पर उपभोक्ता परिषद का सवाल।

    2. स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक करने की मांग।

    3. बिना लाइसेंस वाली लैब से जांच पर भी उठे गंभीर सवाल।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। लगभग 47 लाख उपभोक्ताओं की विद्युत भार वृद्धि मामले में नई आपत्ति सामने आई है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने सवाल उठाया है कि जब प्रदेश सरकार स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की जांच करा रही है, ऐसे में इन मीटरों के आधार पर विद्युत भार वृद्धि कैसे की जा सकती है।

    जांच रिपोर्ट को तत्काल सार्वजनिक किया जाना चाहिए। जिससे यह पता चल सके कि स्मार्ट मीटरों के जंप करने, मीटर तेज चलने और भार बढ़ने की शिकायतों की जांच में क्या नतीजे आए हैं।

    परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मांग की है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता जांच के लिए गठित चार सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट पावर कारपोरेशन प्रबंधन तत्काल सार्वजनिक करे। यदि जांच में स्मार्ट मीटर में तकनीकी खामियां पाई गई है अथवा गलत तरीके से विद्युत भार रिकार्ड किया गया है तो भार वृद्धि उचित नहीं है। प्रबंधन जांच रिपोर्ट के आधार पर पारदर्शी निर्णय ले।

    उन्होंने कहा है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में जब प्रदेश में स्मार्ट मीटर प्रीपेड मोड में चल रहे थे, उस समय उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर के तेज चलने, मीटर जंप करने और गलत रीडिंग से संबंधित शिकायतें की थी।

    उपभोक्ताओं का कहना है कि बिना किसी नए विद्युत उपकरण के लगाए ही उनके विद्युत भार में भारी वृद्धि कर दी गई है। उपभोक्ताओं द्वारा उठाए गए इन सवालों का जवाब जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने से ही मिल सकता है।

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    प्रदेश में जिन 47 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का विद्युत भार बढ़ाया गया है, उनमें 50 प्रतिशत से अधिक स्मार्ट मीटर उपभोक्ता हैं। स्मार्ट मीटर की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं। लखनऊ स्थित मध्यांचल की जिस लैब से स्मार्ट मीटर की पार्ट-एक और पार्ट-दो जांच कराई गई है, उस लैब के पास इस जांच के लिए कोई लाइसेंस नहीं है।

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