UP में चीनी के तीखे तेवर: त्योहारों से पहले बढ़े दाम, सामने आई कीमतों की असली वजह
त्योहारों से पहले उत्तर प्रदेश में चीनी की कीमतें 65-70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं, जिससे आम उपभोक्ता और मिठाई कारोबार प्रभावित हो रहा है। कारोब ...और पढ़ें
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तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
फुटकर बाजार में चीनी 65-70 रुपये प्रति किलो हुई।
त्योहारों से पहले मांग बढ़ने से दाम और बढ़ेंगे।
एथेनॉल उत्पादन से चीनी की उपलब्धता पर असर पड़ रहा है।
विवेक शुक्ला, लखनऊ। त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले ही चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के कई शहरों में फुटकर बाजार में चीनी का भाव 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। अगस्त की शुरुआत में करीब 48 रुपये किलो बिक रही चीनी के दाम में महज कुछ ही दिनों में तेज उछाल आया है। कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर घरों की रसोई के साथ-साथ मिठाई, चाय-नाश्ता और अन्य खाद्य कारोबार पर भी पड़ रहा है।
कारोबारियों का कहना है कि थोक बाजार में कीमतें बढ़ने के बाद इसका असर अब फुटकर बाजार में दिखाई देने लगा है। वहीं, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी समेत आगामी त्योहारों के चलते मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में चीनी की कीमतों को लेकर बाजार में असमंजस बना हुआ है।
मांग बढ़ने से और दबाव की आशंका
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में चीनी के कारोबार से जुड़े व्यापारियों के अनुसार त्योहारों के दौरान इसकी खपत सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है। मिठाई की दुकानों, होटल-रेस्तरां और घरों में इस्तेमाल बढ़ने से बाजार में मांग अचानक तेज हो जाती है। कारोबारियों का मानना है कि यदि इसी अनुपात में आपूर्ति नहीं बढ़ी तो कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है।
गोरखपुर के चीनी कारोबारी अमित कुमार के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि बाजार में चीनी की उपलब्धता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, इसके बावजूद ऊंचे भाव पर माल मिल रहा है। उन्होंने त्योहारों से पहले किसी तरह की कृत्रिम कमी पैदा कर कीमत बढ़ाने की आशंका की जांच कराने की मांग की है।

स्टाक की निगरानी की मांग
फुटकर कारोबारी निकुंज टेकड़ीवाल का कहना है कि त्योहारों के समय चीनी की मांग सामान्य दिनों की तुलना में करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। ऐसे में आपूर्ति, भंडारण और स्टाक की निगरानी नहीं हुई तो कीमतों में अचानक उछाल आ सकता है। उन्होंने चीनी के बड़े कारोबारियों और मिलों के स्टाक की निगरानी के साथ जरूरत पड़ने पर स्टाक सीमा तय करने की मांग की है, ताकि बाजार में कृत्रिम किल्लत की स्थिति न बने।
एथेनाल उत्पादन को लेकर भी उठे सवाल
कारोबारियों ने चीनी की उपलब्धता पर एथेनाल उत्पादन के प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई है। कारोबारी रामानंद गुप्ता के अनुसार गन्ने से चीनी के साथ एथेनाल उत्पादन बढ़ने का असर घरेलू बाजार के लिए उपलब्ध चीनी की मात्रा पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि घरेलू मांग और चीनी की उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए चीनी उद्योग में एथेनाल उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाली मात्रा को लेकर स्पष्ट नीति और निगरानी की जरूरत है।
त्योहार में मिठाई होगी महंगी?
चीनी के दाम में तेजी का सीधा असर मिठाई कारोबार पर पड़ सकता है। मिठाई बनाने में चीनी प्रमुख कच्चा माल है। ऐसे में यदि कीमतों में तेजी बनी रहती है तो त्योहार के दौरान मिठाइयों और अन्य चीनी से तैयार होने वाले उत्पादों की लागत बढ़ सकती है। कारोबारियों का कहना है कि इसका अंतिम भार किसी न किसी रूप में उपभोक्ताओं पर पड़ने की आशंका है।
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प्रदेश के व्यापारियों की मांग है कि त्योहारों से पहले चीनी की उपलब्धता, थोक कीमतों और बड़े स्टाक की स्थिति की निगरानी की जाए, ताकि मांग बढ़ने के दौरान बाजार में कृत्रिम कमी न पैदा हो और उपभोक्ताओं को अचानक बढ़ी कीमतों का सामना न करना पड़े।

