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    यूपी में बनेंगे 173 नए ट्रॉमा सेंटर, मेरठ-कानपुर समेत कई जिलों की चमकेगी किस्मत

    Updated: Tue, 19 May 2026 07:57 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश सरकार सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए 173 नए ट्रामा सेंटर स्थापित करेगी। इसके तहत गोल्डन आवर में घायलों को तत्काल च ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. प्रदेश में कुल 173 नए ट्रामा सेंटर स्थापित होंगे।

    2. गोल्डन आवर में घायलों को तत्काल चिकित्सा मिलेगी।

    3. एंबुलेंस सेवाओं का एकीकरण, लखनऊ में कमांड सेंटर।

    संतोष शुक्ल, लखनऊ। सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों पर नियंत्रण के लिए ट्रामा टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लेवल-वन श्रेणी के दस और लेवल-दो के 36 नए ट्रामा सेंटर बनाए जाएंगे।

    वहीं, वर्तमान में 34 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित लेवल-तीन के ट्रामा सेंटरों को अपग्रेड करते हुए संख्या बढ़ाकर 126 की जाएगी। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर (60 मिनट के अंदर) चिकित्सा देने के लिए 108, 112 और नेशनल हाइवे की एंबुलेंस सेवा 1033 को आपस में जोड़ा जाएगा।

    पूूरे नेटवर्क की आनलाइन निगरानी के लिए लखनऊ में सेंट्रल कमांड सेंटर बनेगा, जहां से यह भी पता चल सकेगा कि दुर्घटना स्थल के पास कहां पर ट्रामा सेंटर है और किन केंद्रों में कितने बेड खाली हैं।

    उत्तर प्रदेश में हाइवे और एक्सप्रेसवे की संख्या बढ़ने एवं वाहनों की गति बढ़ने से दुर्घटनाओं की आशंका ज्यादा आंकी गई है। ब्लैक स्पाट भी चिन्हित कर जागरूकता कार्यक्रम किए गए, लेकिन मौत के आंकड़े अब भी डराते हैं।

    प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत मरीजों को सबसे पास के अस्पताल में भर्ती कर जल्द इलाज देने पर फोकस करते हुए पूरा कार्यक्रम बनाया गया। तीन हजार निजी अस्पतालों को भी नेटवर्क से जोड़ने की योजना है, जहां मानकों की जांच की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को संचालित करने वाली एजेंसी साचीज को दी गई है।

    शास्त्रीभवन में 18 मई को अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, डीआइजी-112 अरविंद कुमार, साचीज (स्टेट एजेंसी फार कंप्रीहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज) की सीइओ अर्चना वर्मा, निदेशक सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डा. सीमा समेत कई विभागों के अधिकारियों की बैठक में कार्ययोजना का पूरा रोडमैप बना, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा गया है।

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    एक सप्ताह में कैबिनेट में पेश करने का लक्ष्य है। प्रदेश में लेवल-एक श्रेणी का 500 बेडों का अकेला सेंटर केजीएमयू में है। अब पीजीआई, राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के साथ ही मेरठ, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, झांसी, गोरखपुर समेत दस सरकारी मेडिकल कालेजों में भी 100-100 बेडों का लेवल-एक का ट्रामा सेंटर संचालित होगा।

    यहां एक ही छत के नीचे एमआरआइ, सीटी स्कैन समेत सभी प्रकार की जांच एवं न्यूरो, आर्थो समेत जटिल सर्जरी की सुविधाएं होंगी। माड्यूलर ओटी, आधुनिक आइसीयू एवं एडवांस स्ट्रक्चर वाले उपकरण होंगे, जिससे सिर या गर्दन में इंजरी वाले मरीज को बेड पर उठाने बिठाने पर घायल अंग पर जोर न पड़े।

    36 आटोनामस मेडिकल कालेजों में भी सौ-सौ बेडों का ट्रामा सेंटर संचालित किया जाएगा। वर्तमान में 34 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 30 बेडों का लेवल-तीन का ट्रामा सेंटर चल रहा है। अब यह व्यवस्था 126 सीएचसी तक उपलब्ध कराई जाएगी।

    वहीं, प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत नजदीकी निजी अस्पतालों में दुर्घटना के मरीजों के इलाज के लिए प्रति सप्ताह एक लाख रुपये का भुगतान शुरू कर दिया गया है। शीघ्र ही इसका पूरा नोटिफिकेशन जारी होगा।