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    एआई, रोबोटिक्स और डीप टेक का केंद्र बनेगा यूपी, नोएडा में विकसित होगा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सेंटर

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 09:26 PM (IST)

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को रोबोटिक्स, एआई और डीप टेक में राष्ट्रीय नेतृत्वकर्ता बनाने के निर्देश दिए हैं। नोएडा में 'प्रगति' परियोज ...और पढ़ें

    लखनऊ में गुरुवार को अपने आवास पर आईटी विभाग की बैठक करते मुख्यमंत्री योगी।

    लखनऊ में गुरुवार को अपने आवास पर आईटी विभाग की बैठक करते मुख्यमंत्री योगी।

    HighLights

    1. यूपी को रोबोटिक्स, एआई, डीप टेक में राष्ट्रीय नेतृत्वकर्ता बनाने के निर्देश।

    2. नोएडा में 75 एकड़ में बनेगा भारत का पहला रोबोटिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर।

    3. लखनऊ और नोएडा में स्थापित होंगे विश्वस्तरीय यू-हब, रोजगार सृजन पर जोर।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर सहित अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों का राष्ट्रीय नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई और रोबोटिक्स अगली औद्योगिक क्रांति के प्रमुख आधार हैं। ऐसे में विश्वस्तरीय विनिर्माण अवसंरचना के साथ अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहन वाला मजबूत डीप टेक इकोसिस्टम विकसित किया जाए।

    उद्योग, शिक्षण व अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप, निवेशकों व प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों के बीच समन्वय से ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जहां नई तकनीकें तेजी से प्रयोगशाला से उद्योग तक पहुंच सकें और उत्तर प्रदेश वैश्विक प्रौद्योगिकी निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभरे।

    सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा में विकसित होने वाली प्रगति (पार्क फार रोबोटिक्स, एआई, जीपीयू क्लस्टर्स एंड एडवांस्ड टेक्निकल इनोवेशन) परियोजना प्रदेश को विश्वस्तरीय रोबोटिक्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग का आधार प्रदान करेगी।

    बताया गया कि इसे 75 एकड़ में विकसित होने वाला यह भारत का पहला एकीकृत रोबोटिक्स व एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर होगा, जहां रोबोटिक्स परीक्षण व प्रमाणन केंद्र, रैपिड प्रोटोटाइपिंग व विनिर्माण सुविधा, एआई कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर, मोशन कैप्चर लैब, फिजिकल एआई डाटा सेंटर, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और को-वर्किंग स्पेस आदि सुविधाएं होंगी।

    वैश्विक विनिर्माण कंपनियों, कंपोनेंट निर्माताओं, अनुसंधान व विकास केंद्रों और विशेषीकृत सेवा प्रदाताओं का औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र भी विकसित किया जाएगा।

    परियोजना का उद्देश्य प्रदेश को प्रौद्योगिकी विनिर्माण का राष्ट्रीय केंद्र बनाने के साथ आयात पर निर्भरता कम करना, एक लाख से अधिक रोजगार सृजित करना और पांच वर्षों में दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का सकल मूल्य संवर्धन सुनिश्चित करना है।

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    बैठक में बताया गया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में लखनऊ और नोएडा में दो यू हब स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। विशेषज्ञ समिति ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय डीप टेक इकोसिस्टम का अध्ययन कर इसका मॉडल बनाया है।

    नोएडा यू हब को क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर डिजाइन, फिजिकल एआई, रोबोटिक्स, रक्षा प्रौद्योगिकी और उन्नत जैव प्रौद्योगिकी का केंद्र बनाया जाएगा, जबकि लखनऊ यू हब में एप्लाइड एआई, गवटेक, औद्योगिक व स्वास्थ्य क्षेत्र के एआई समाधान, बायोसाइंस और एग्री बायोटेक्नोलाजी पर फोकस रहेगा।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यू हब को केवल स्टार्टअप नहीं, बल्कि अनुसंधान, नवाचार, उद्योग, निवेश, शिक्षण संस्थानों और प्रतिभाओं को जोड़ने वाले विश्वस्तरीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करें। युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप कौशल उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

    एआई, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डाटा साइंस आदि तकनीक में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण व प्रमाणन की व्यवस्था विकसित की जाए। उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रम तैयार किए जाएं।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सूचना प्रौद्योगिकी नीति को बदलती वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक व्यावहारिक, निवेशक अनुकूल और रोजगारपरक बनाया जाए। आईटी उद्योग का विस्तार केवल गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद तक सीमित न रहकर टियर-2 और टियर-3 शहरों तक हो।

    नीति का मूल उद्देश्य युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना होना चाहिए। स्थानीय युवाओं के कौशल विकास, इंटर्नशिप, अनुसंधान, नवाचार और पेटेंट को प्रोत्साहन के साथ निवेशकों को भूमि व अन्य अनुमतियों से जुड़ी प्रक्रियाएं पारदर्शी और समय से उपलब्ध कराई जाएं।

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