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    AI और नई तकनीकों के साथ 'विकसित भारत' का नेतृत्व करेगा यूपी, खुलेंगे 1000 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर

    Updated: Thu, 15 Jan 2026 06:25 PM (IST)

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तकनीकी नवाचार और निवेश का वैश्विक केंद्र बन रहा है। नई ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) पॉलिस ...और पढ़ें

    यूपी तय करेगा विकसित भारत के भविष्य की रूपरेखा

    यूपी तय करेगा विकसित भारत के भविष्य की रूपरेखा

    HighLights

    1. उत्तर प्रदेश में 1000 से अधिक नए जीसीसी का लक्ष्य।

    2. एआई, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा पर केंद्रित नवाचार।

    3. युवाओं के लिए उद्यमिता के नए अवसर, ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था।

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजनरी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर तकनीकी नवाचार और निवेश का वैश्विक केंद्र बन रहा है। राज्य सरकार की नई ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) पॉलिसी के माध्यम से प्रदेश को भारत के सबसे सशक्त 'इन्नोवेशन पावरहाउस' के रूप में स्थापित करने की तैयारी है। वर्तमान में संचालित लगभग 90 जीसीसी की संख्या को बढ़ाकर एक हजार से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे न केवल उच्च स्तरीय रोजगार सृजित होंगे, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 'ज्ञान आधारित' (Knowledge Enabled) मॉडल पर मजबूती मिलेगी।

    नवाचार और तकनीक पर आधारित मजबूत बुनियादी ढांचा

    योगी सरकार की नीतियों के तहत जीसीसी को अब मात्र बैक-ऑफिस के रूप में नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और डिजिटल इंजीनियरिंग के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत आईआईटी कानपुर और आईआईएम लखनऊ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से एआई, ब्लॉकचेन, 5जी/6जी और हेल्थटेक जैसे भविष्य की तकनीकों के लिए 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य वैश्विक कंपनियों के साथ मिलकर नई तकनीकों के निर्माण के लिए एक सुदृढ़ इकोसिस्टम तैयार करना है।

    स्टार्टअप्स और वैश्विक कंपनियों की रणनीतिक साझेदारी

    प्रदेश में बढ़ती स्टार्टअप्स की संख्या को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए सरकार ने एक अनूठा मॉडल तैयार किया है। अब जीसीसी और स्थानीय स्टार्टअप्स के बीच 'प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट' (प्रारंभिक मॉडल) और समस्या समाधान आधारित साझेदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप्स को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अनुभव का लाभ मिलेगा और वे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे। यह साझेदारी मॉडल 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

    युवाओं के लिए उद्यमिता के नए अवसर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य युवाओं को मात्र 'नौकरी मांगने वाला' नहीं, बल्कि 'नौकरी देने वाला' बनाना है। इस नई नीति में महिलाओं, दिव्यांगों और युवाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन शामिल किए गए हैं, जो इसे सामाजिक रूप से समावेशी बनाते हैं। नीतिगत स्थिरता और पारदर्शी व्यवस्था के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिससे उत्तर प्रदेश अब 'विकसित भारत' के विजन को नई गति और पहचान देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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