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    यूपी की पर्यटन नीति में होगा बदलाव, पूरे प्रदेश की पर्यटन इकाइयों को मिलेगा प्रोत्साहन

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 10:45 PM (GMT+05:30)

    उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन नीति में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है, जिससे राज्य के भीतर स्थापित सभी पर्यटन इकाइयों को प्रोत्साहन मिलेगा। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. पर्यटन सर्किट से 20 किमी की दूरी सीमा हटेगी।

    2. पूरे प्रदेश की पर्यटन इकाइयों को प्रोत्साहन मिलेगा।

    3. छोटे शहरों में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

    दिलीप शर्मा, लखनऊ। प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में निवेश का दायरा बढ़ाने और छोटे व नये पर्यटन स्थलों के विकास को गति देने के लिए सरकार पर्यटन नीति में बड़े बदलाव पर विचार कर रही है।

    प्रस्तावित बदलाव के तहत राज्य की सीमा के भीतर स्थापित सभी पर्यटन इकाइयों को नीति के तहत मिलने वाले प्रोत्साहनों के लिए पात्र बनाने की तैयारी है। इसके लिए वर्तमान में लाभ पाने के लिए निर्धारित पर्यटन सर्किट से दूरी की सीमा को खत्म किया जाएगा।

    पर्यटन नीति के तहत वर्तमान में केवल अधिसूचित पर्यटन सर्किट के 20 किलोमीटर के हवाई दायरे में स्थापित होटल, रिसार्ट, होम स्टे और अन्य पर्यटन परियोजनाएं ही अनुदान व अन्य प्रोत्साहनों की पात्र होती हैं। इस शर्त के कारण कई ऐसे जिले और क्षेत्र नीति के लाभ से वंचित रह जाते हैं, जहां पर्यटन की अच्छी संभावनाएं है।

    पर्यटन विभाग पर्यटन अल्पज्ञात स्थलों को विकसित करने की कोशिश में जुटा है, परंतु दूरी के मानक के चलते इन स्थलों के आसपास विकसित हाेने वाली होटल आदि इकाइयों को लाभ नहीं मिल पाता है।

    ऐसे में इन क्षेत्रों में निवेश नहीं आ पा रहा है। प्रस्तावित संशोधन लागू होने के बाद प्रदेश के किसी भी जिले में स्थापित पर्यटन इकाई, नीति के तहत मिलने वाले अनुदान और अन्य वित्तीय प्रोत्साहनों का लाभ ले सकेगी।

    इससे धार्मिक, सांस्कृतिक, ग्रामीण, ईको और विरासत पर्यटन वाले नए क्षेत्रों में निजी निवेश बढ़ने की संभावना है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार का उद्देश्य पर्यटन का लाभ प्रमुख स्थलों तक सीमित न रखकर हर जिले तक पहुंचाना है, पर्यटन नीति में महत्वपूर्ण संशोधन करने पर विचार हो रहा है।

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    इनके माध्यम से पर्यटन इकाइयों को प्रोत्साहन में सहूलियत होगी और प्रदेश भर में पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश के अवसर पैदा होंगे और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।