यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
योगी सरकार का ट्रांसजेंडरों को तोहफा: वृद्धावस्था में मिलेगा सहारा, इस नई पहल से बदल जाएगी जिंदगी
उत्तर प्रदेश सरकार 60 वर्ष से अधिक आयु के ट्रांसजेंडरों को वृद्धाश्रम की सुविधाएँ प्रदान करेगी। उन्हें पेंशन आयुष्मान भारत कार्ड स्वास्थ्य जांच और मान ...और पढ़ें

HighLights
- ट्रांसजेंडरों को मिलेगी वृद्धाश्रम की सुविधा
- पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य जांच और काउंसलिंग सेवा देगी योगी सरकार
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सामाजिक समरसता और समावेशी विकास की कसरत में जुटी योगी सरकार ट्रांसजेंडरों को भी संवेदनशीलता से समान सुविधाएं दे रही है। अब 60 वर्ष से अधिक आयु के ट्रांसजेंडरों को वृद्धाश्रम की सुविधा प्रदान की जाएगी।
उन्हें भी पेंशन, आयुष्मान भारत कार्ड, स्वास्थ्य जांच, भोजन और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसी आवश्यक सेवाएं मिलेंगी।
गोरखपुर में बना है गरिमा गृह
प्रदेश में वर्ष 2021 में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए कल्याण नीति लागू की गई थी और कल्याण बोर्ड का गठन किया गया। इसके बाद गोरखपुर में गरिमा गृह बनाया गया है, जहां रहने, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास की सुविधाएं दी जा रही हैं। हर जिले में ट्रांसजेंडर सुरक्षा सेल की स्थापना की गई है।
राज्य स्तर पर भी ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन सेल का गठन किया गया है। सरकार के अनुसार इन सेल के माध्यम से पुलिस संरक्षण, कानूनी सहायता, उत्पीड़न के मामलों में कार्रवाई और सामाजिक पुनर्वास जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
पौष्टिक भोजन के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं
इसके साथ अब वृद्धाश्रमों में ट्रांसजेंडर वरिष्ठ नागरिकों के लिए रहने की व्यवस्था की गई है। इनमें पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच, दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकीय देखरेख और मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलिंग सेवाएं शामिल हैं। इन वृद्धाश्रमों में सामुदायिक गतिविधियों, पुस्तकालय, योग एवं ध्यान सत्र जैसे कार्यक्रम भी कराए जा रहे हैं।
समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव एल. वेकेंटेश्वर लू ने बताया कि प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा ट्रांसजेंडरों का पंजीकरण किया जा रहा है, जिससे उनको सरकार की योजनाओं का लाभ मिले। आने वाले समय में उनके लिए और योजनाएं लाई जाएंगी, ताकि उनका सामाजिक, आर्थिक और मानसिक सशक्तिकरण हो सके।