यूपी और उत्तराखंड में करोड़ों के नकली दवा कारोबार का भंडाफोड़, फर्जी बिलों पर बेची जा रही थीं दवाएं
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में करोड़ों रुपये के नकली दवा कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें फर्जी बिलों के जरिए ...और पढ़ें

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HighLights
यूपी-उत्तराखंड में 5.43 करोड़ की अवैध दवाएं जब्त।
फर्जी बिलिंग से हेल्थ प्लस, एमके फार्मा जैसी फर्मों का खेल।
नकली एंटीबायोटिक, खांसी सिरप मरीजों के लिए बेअसर।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। जिन दवाओं को हम सेहत के लिए संजीवनी समझकर खा रहे हैं, अगर वो जहर बनकर शरीर खोखला करें तो चौंकिएगा नहीं। कुछ ऐसा ही भ्र्रष्टाचार उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक के दवा बाजार में चल रहा है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश ने माहभर जांच अभियान चलाया तो पता चला कि फर्जी बिलों पर नकली दवाएं खपाई जा रही हैं। लखनऊ, आगरा, वाराणसी और गोंडा में अब तक करीब 5.43 करोड़ रुपये की अवैध औषधियां जब्त की गई हैं। एंटीबायोटिक से लेकर खांसी सिरप समेत दर्जनों दवाएं नकली होने की वजह से मरीजों पर बेअसर साबित हो रही हैं।
लखनऊ में 41.58 लाख रुपये, वाराणसी में 25 लाख रुपये, गोंडा में 1.13 करोड़ रुपये और आगरा में 3.63 करोड़ रुपये की अवैध औषधियां बरामद की गईं। लखनऊ के अमीनाबाद में जांच में सामने आया कि मेसर्स हेल्थ प्लस, मेसर्स एम.के. फार्मा, राम फार्मा और पैशन्ट केयर सर्जिकल हाउस (सहारनपुर) मिलकर फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाएं बाजार में खपा रही थीं। हेल्थ प्लस को लाइसेंस मई 2025 में मिला, लेकिन फर्म अप्रैल 2025 से ही अवैध क्रय-विक्रय दिखा रही थी।
डेक्सोरेंज सिरप को बताया नकली
निर्माता कंपनी स्टैडम्ड ने फर्म द्वारा बेची गए अल्कासोल सीरप को नकली करार दिया। एमके फार्मा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 8.87 करोड़ रुपये की फर्जी खरीद दिखाई और साक्ष्य मिटाने के लिए पुराने डेटा तक को डिलीट कर दिया। निर्माता कंपनी वारडेक्स ने फर्म की डेक्सोरेंज सिरप को नकली बताया।
चारों फर्मों के विरुद्ध थाना अमीनाबाद में 12 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता की धारा 111, 276, 277, 278, 318, 319, 336 व 338 के तहत एफआइआर दर्ज की गई है। यूपी से उत्तराखंड तक डा रेड्डी, सिप्ला, एल्डर, मार्को एवं इंटास जैसी नामी कंपनियों के उत्पाद क्लैवैक्टम-625 और राजो-डी कैप्सूल की खुलेआम नकल तैयार होती मिली।
जुलाई में भी लखनऊ में कई बड़ी कार्रवाई हुई। आलमबाग मेट्रो स्टेशन के पास से 1.6 लाख रुपये, बक्शी का तालाब क्षेत्र से पांच लाख रुपये और अमीनाबाद स्थित एक अवैध गोदाम से 21 लाख रुपये की नकली दवाएं जब्त की गईं। अमीनाबाद की आठ फर्मों और एक साफ्टवेयर विक्रेता पर फर्जी बिलिंग व साफ्टवेयर हेरफेर के आरोप में एफआइआर दर्ज हुई।
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लखनऊ में अब तक करीब 41.58 लाख रुपये की अवैध दवाएं जब्त कर 32 लोगों के विरुद्ध सात प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें दो गिरफ्तारियां हुई हैं। आगरा में कार्रवाई के दौरान 3.63 करोड़ की अवैध औषधियां जब्त, साथ ही नौ एफआइआर दर्ज की गई।
