यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP Weather Update: लखनऊ समेत कई जिलों में बारिश और ओले से गिरा तापमान, कैसा रहेगा आज का मौसम; देखें अपडेट
UP Weather Update यूपी के मौसम ने फिर करवट बदली है। लखनऊ में सोमवार को अचानक गरज-चमक के साथ बारिश हुई जबकि कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। तापमान में गिरा ...और पढ़ें

HighLights
- दो दिनों तक तेज हवा चलने की संभावना
- 21 से फिर बदलेगा मौसम
जागरण संवाददाता, लखनऊ। UP Weather Update: प्रदेश में सोमवार को मौसम ने फिर करवट बदली। राजधानी लखनऊ में सुबह अचानक गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। इस कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ मौसम साफ हो गया और धूप खिली।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने 21 मार्च को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका जताई है। अगले दो दिनों तक तेज हवा चलने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई जिलों में सुबह अचानक मौसम बदल गया। गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर और बस्ती में सुबह साढ़े आठ से नौ बजे के बीच आधे घंटे तक बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इससे गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा। हालांकि, दस बजे के बाद मौसम साफ हो गया।
सुलतानपुर में सबसे अधिक 1.6 मिलीमीटर बारिश
प्रयागराज और कौशांबी में भी पूरे दिन बादल छाए रहे, जबकि प्रतापगढ़ में हल्की रिमझिम बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में सुलतानपुर में सबसे अधिक 1.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। वहीं, बरेली और अलीगढ़ में पूरे दिन आसमान साफ रहा। तेज धूप के कारण तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। आगरा में सुबह से ही धूप खिली रही, लेकिन ठंडी हवा चलती रही। दोपहर में हल्के बादल छाए रहे। यहां न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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ओले का फाइल फोटो।
फसलों को आंशिक नुकसान हुआ
मौसम में नमी और रविवार की रात बारिश के साथ ओले पड़ने से फसलों को आंशिक नुकसान हुआ है। कृषि वैज्ञानिक का कहना है कि मौसम में नमी बनी रहेगी तो अगेती गेहूं, आम सहित अन्य फसलों पर अधिक दुष्प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए किसान सतर्क रहें। फसलों की निगरानी करते रहें। फलपट्टी मलिहाबाद व काकोरी में हल्की बारिश से आम फसल को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। रविवार रात में बारिश के बाद सोमवार सुबह तेज धूप संग हवा चलने से बौर की नमी खत्म हो गई।
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बरसात होने से गेहूं की कटाई प्रभावित होगी
किसानों का कहना है कि अगर बारिश के बाद धूप नहीं निकलती तो नमी के कारण आम के बौर में रोग लग सकते थे। गेहूं की अगेती फसल की कटाई 20 मार्च से शुरू होनी थी। बरसात होने से गेहूं की कटाई प्रभावित होगी और गेहूं की फसल में कडुंवा की समस्या बढ़ेगी।
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जायद में प्रमुख रूप से ककड़ी, खरबूजा, खीरा, तरोई व कद्दू की फसल में बरसात होने से खर्रा रोग की समस्या बहुत तेजी से फैलती है। पत्तियों की निचली सतह पर सफेद फफूंदी या रुई जैसा दिखाई देने पर कार्बेंडाजिम 12 प्रतिशत, मैकोजेब 63 प्रतिशत की 2.5 ग्राम मात्रा को एक लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करें।
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आम की फसल के लिए यह बारिश नुकसानदायक
चंद्रभान गुप्त कृषि स्नातकोत्तर महाविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ डॉक्टर सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इस समय आम की फसल में पुष्पन के साथ में फल छोटे-छोटे आकार के बन रहे हैं। आम की फसल के लिए यह बारिश लाभकारी नहीं है। बरसात होने से आम पर हापर कीट एवं खर्रा बीमारी का प्रकोप बढ़ेगा। मौसम में अधिक बदलाव होता है तो किसान सचेत रहें।
आम की फसल को कीट एवं रोग से बचाने के लिए क्लोरोपीरीफास 50 प्रतिशत की 1.5 एमएल मात्रा व मैकोजेब 63 प्रतिशत कार्बेंडाजिम 12 प्रतिशत की 2.5 एमएल मात्रा एक लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करें। आवश्यकता को पड़ने पर छिड़काव दोहराएं। घोल बनाते समय साफ पानी का उपयोग करें। छिड़काव के समय नाजेल की रफ्तार धीमी रखें।