Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यूपी में मौसम की मार झेल रहे गेहूं किसानों को बड़ी राहत: अब कम चमक वाली फसल भी खरीदेगी सरकार, नई गाइडलाइन जारी

    Updated: Thu, 23 Apr 2026 05:47 AM (IST)

    केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के गेहूं किसानों को बड़ी राहत दी है, जिससे वे अब कम चमक और टूटे-सिकुड़े अनाज को भी एमएसपी पर बेच सकेंगे। ...और पढ़ें

    गेहूं खरीद में किसानों को बड़ी राहत, बेच सकेंगे कम चमक वाली फसल

     गेहूं खरीद में किसानों को बड़ी राहत, बेच सकेंगे कम चमक वाली फसल

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। माैसम की मार से फसल प्रभावित होने के कारण न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ नहीं ले पा रहे गेहूं किसानों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है।

    अब किसान क्रय केंद्रों पर जाकर 70 प्रतिशत तक कम चमक वाले गेहूं को भी एमएसपी पर बेच सकेंगे। वहीं 20 प्रतिशत तक टूटन और सिकुड़न वाली उपज की भी खरीद की जाएगी।

    रबी विपणन सीजन 2026-27 के तहत प्रदेश में 30 मार्च से गेहूं खरीद शुरू हुई है। इसके लिए 5547 क्रय केंद्रों संचालन किया जा रहा है और किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से एमएसपी दिया जा रहा है। इस बार बेमौसम बारिश के कारण बड़े पैमाने पर गेहूं की फसल प्रभावित हुई है।

    गेहूं के दानों की चमक कम हो गई है और टूटन व सिकुड़न की भी स्थिति है। खरीद के मानकों के चलते किसान इस फसल को क्रय केंद्रों पर नहीं बेच पा रहे थे। इसके चलते खरीद की रफ्तार भी धीमी है।

    बुधवार तक प्रदेश में 57,775 किसानों से 3.14 लाख टन गेहूं की ही खरीद हुई है। किसानों की समस्याओं के निदान के लिए खाद एवं रसद विभाग ने केंद्र सरकार को गुणवत्ता के मानकों में छूट देने के लिए प्रस्ताव भेजा था। बुधवार को केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए।

    इसके तहत प्रदेश में चमक की हानि वाले गेहूं की सीमा में 70 प्रतिशत तक की छूट दी गई है। इकसे साथ ही सिकुड़े और टूटे हुए अनाज की मौजूदा सीमा छह प्रतिशत को बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक शिथिल किया गया है।

    खबरें और भी

    केंद्र ने इस छूट के तहत खरीदे जाने वाले गेहूं को अलग से भंडारित करने और उसका उपभोग केवल प्रदेश के भीतर ही किया जाएगा। वहीं इस गेहूं के स्टाक की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की गिरावट की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। मानकों के रियासत के बाद प्रदेश में खरीद की रफ्तार तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।

    सत्यापन में भी मिली रियायत

    खाद्य एवं रसद विभाग ने प्रदेश के किसानों को सत्यापन की बाध्यता में भी रियायत दी है। प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद ने आदेश जारी किया है कि किसानों के पंजीकरण में दर्ज भूमि आदि का सत्यापन चकबंदी-राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा न होने पर भी किसानों के गेहूं की क्रय केंद्राें पर खरीद की जाएगी।

    अब क्रय केंद्र प्रभारी किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज कंप्यूटरीकृत खतौनी, खसरा, चकबंदी अभिलेख, आधार कार्ड व अन्य पहचान पत्र का मिलान कर खरीद सुनिश्चित करेंगे। वहीं किसानों के पंजीकरण का सत्यापन चकबंदी और राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारियों द्वारा यथावत किया जाता रहेगा।

    यह भी पढ़ें- यूपी सरकार की कार्यप्रणाली पर SC ने जताई नाराजगी, कर्मचारी को 15 साल तक भटकाने पर लगाया 1 लाख का जुर्माना