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योगी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, प्रधानों को बनाया जाएगा ग्राम पंचायतों का प्रशासक

Published: Mon, 25 May 2026 09:24 PM (GMT+05:30)

उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

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HighLights

  1. निवर्तमान ग्राम प्रधान बनेंगे पंचायतों के प्रशासक।

  2. 27 मई 2026 से संभालेंगे प्रशासनिक कार्यभार।

  3. नीतिगत निर्णयों के लिए जिलाधिकारी की स्वीकृति अनिवार्य।

ड‍िजिटल डेस्‍क, लखनऊ। प्रदेश की ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके दृष्टिगत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य सरकार ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसके साथ ही स्पष्ट किया गया है कि नई ग्राम पंचायतों के गठन अथवा अधिकतम छह माह की अवधि तक निवर्तमान प्रधान ही पंचायतों का सामान्य प्रशासनिक कार्य संभालेंगे।

सीएम योगी के निर्देश पर निवर्तमान प्रधानों को ग्राम पंचायतों में बतौर प्रशासक नामित किए जाने के लिए सभी जिलाधिकारियों को प्राधिकृत किया गया है, जिसके अनुसार 27 मई 2026 से निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे। प्रशासकों को केवल सामान्य और रूटीन कार्यों के निर्वहन की अनुमति होगी। उनके द्वारा कोई नीतिगत निर्णय पर नहीं लिया जा सकेगा।

विशेष परिस्थितियों में लेंगे डीएम से स्वीकृति

इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि अत्यावश्यक अथवा किसी विशेष परिस्थिति में नीतिगत निर्णय लेने की आवश्यकता पड़ती है तो उस प्रस्ताव को जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी के समक्ष रखा जाएगा और उनकी स्वीकृति के बाद ही निर्णय लिया जा सकेगा।

ज्ञात है कि ग्राम पंचायत का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है। कार्यकाल समाप्त होने के बाद नई पंचायतों के गठन तक राज्य सरकार को प्रशासक नियुक्त करने का अधिकार है।

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