UP Smart Prepaid मीटर रिचार्ज के बाद भी बिजली में देरी पर नियामक आयोग सख्त, कहा- कंपनियां बताएं कितनी देर में जुड़े कनेक्शन
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर रिचार्ज के बाद भी घंटों बिजली आपूर्ति बहाल न होने पर कड़ा रुख अपनाया है। उपभोक्ता परिषद की या ...और पढ़ें

उप्र विद्युत नियामक आयोग ने नोटिस देकर 15 दिन में मांगा जवाब
HighLights
UPERC ने बिजली कंपनियों से जवाब-तलब किया।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर रिचार्ज के बाद भी घंटों देरी।
आयोग ने इसे उपभोक्ता अधिकारों का हनन माना।
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। स्मार्ट प्रीपेड मीटर में रुपये रिचार्ज कराने के दो घंटे और उससे भी देर तक कनेक्शन नहीं जोड़ने (बिजली आपूर्ति बहाल नहीं किए जाने) पर विद्युत नियामक आयोग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। इस मामले में उपभोक्ता परिषद की याचिका पर विद्युत वितरण कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है।
पूछा है कि नेगेटिव बैलेंस पर कितने कनेक्शन काटे गए, रिचार्ज के बाद कितने 30 मिनट में और कितने दो घंटे के अंदर जोड़े गए। कितने कनेक्शन रिचार्ज होने के दो घंटे बाद भी नहीं जोड़े गए, कितने उपभोक्ताओं ने मुआवजे के लिए दावा किया गया और कनेक्शन जोड़ने में विलंब का कारण क्या रहा।
आयोग ने एक से 20 मार्च के बीच की अवधि में तिथिवार यह रिपोर्ट मांगा है। स्टैंडर्ड आफ परफार्मेंस विनियमावली-2019 की धाराओं के उल्लंघन पर दायर याचिका के हवाले से आयोग ने कहा है कि रिचार्ज के बाद भी कनेक्शन नहीं जोड़े जाने से उपभोक्ताओं को असुविधा होने के साथ ही मानसिक तनाव के दौर से गुजरना पड़ा है। आपूर्ति बहाल न करना उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन है।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने गुरुवार को आयोग मेंं स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नेगेटिव बैंलेंस होने पर रिचार्ज कराने के दो घंटे बाद भी उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिलने पर विनियावली-2019 का उल्लंघन बताते हुए याचिका दायर की थी। जिसमें बताया था कि प्रदेश में लगभग 74.48 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं।
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लगभग 69.64 लाख उपभोक्ताओं के मीटर बिना सूचना के प्रीपेड मोड में परिवर्तित कर दिए गए। इनमें से 5,84,269 उपभोक्ताओं पर लगभग 1753 करोड़ रुपये नेगेटिव बैलेंस दर्ज था।अभियान चलाकर लगभग 5.79 कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस में काट दिए गए।
बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने पैसा जमाकर कनेक्शन रिचार्ज किया, लेकिन रिचार्ज के घंटों बाद तक बिजली बहाल नहीं की गई।असंतोष से कई स्थानों पर कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई। बिजली कंपनियों ने स्टैंडर्ड आफ परफार्मेंस विनियमावली की धाराओं का उल्लंघन किया है।
रिचार्ज न कराते हुए बिजली चोरी पर 259 के विरुद्ध एफआइआर
नेगेटिव बैलेंस पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर को रिचार्ज कराने के बजाय 259 उपभोक्ताओं द्वारा बिजली चोरी की जा रही थी। जांच में चोरी पकड़े जाने के बाद सभी के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने के साथ ही अब उनसे जुर्माना भी वसूला जाएगा।
दरअसल, नेगेटिव बैलेंस पर 5.79 लाख कनेक्शन स्वतः कटने के बावजूद करीब 2.6 लाख उपभोक्ताओं ने अब तक रिचार्ज नहीं कराया है। बिजली चोरी की आशंका को ध्यान में रखते हुए ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शनों की जांच की जा रही है। जिसमें शुक्रवार तक 8049 कनेक्शनों की जांच में 259 में बिजली चोरी पकड़ी गई।