उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में विदेशी छात्रों का बढ़ता रुझान, यूजी कोर्स बने पहली पसंद
एआइएसएचई रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार, उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में 6,000 से अधिक विदेशी छात्र पढ़ रहे हैं, जिनमें 2,000 से अधिक छात्राएं है ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
6,000 से अधिक विदेशी छात्र यूपी के संस्थानों में अध्ययनरत।
स्नातक पाठ्यक्रम (यूजी) विदेशी विद्यार्थियों की पहली पसंद बने।
एआइएसएचई रिपोर्ट ने प्रदेश की वैश्विक पहचान मजबूत की।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लगातार मजबूत हो रही है। अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (एआइएसएचई) 2023-24 की अभी जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में छह हजार से अधिक विदेशी विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
इनमें दो हजार से अधिक छात्राएं शामिल हैं। विदेशी विद्यार्थियों का सबसे अधिक रुझान स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों की ओर है, जबकि परास्नातक (पीजी) और पीएचडी कार्यक्रम भी उनकी पसंद में शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर रहे विदेशी विद्यार्थियों में 73.6 प्रतिशत ने स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया है।
इसके बाद 16.8 प्रतिशत विद्यार्थियों ने परास्नातक (पीजी), 3.8 प्रतिशत ने पीएचडी, 2.9 प्रतिशत ने डिप्लोमा, 2.0 प्रतिशत ने इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम, 0.5 प्रतिशत ने पीजी डिप्लोमा और 0.4 प्रतिशत ने सर्टिफिकेट कोर्स में दाखिला लिया है। विदेशी छात्र नियमित डिग्री कार्यक्रमों को अधिक महत्व दे रहे हैं।
रिपोर्ट बताती है कि सबसे अधिक विदेशी विद्यार्थी एशियाई देशों से आए हैं। इनमें नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बांग्लादेश, अफगानिस्तान, भूटान, सऊदी अरब, श्रीलंका, म्यांमार, ईरान और तिब्बती शरणार्थी समुदाय के विद्यार्थी प्रमुख हैं।
इसके अलावा नाइजीरिया, तंजानिया और केन्या जैसे अफ्रीकी देशों के छात्र भी प्रदेश के विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं। वर्तमान सत्र 2026-27 में लखनऊ विश्वविद्यालय में 77 देशों से तीन हजार से अधिक आवेदन आए हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का कहना है कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रेडिंग प्राप्त हो रही है, डिजिटल शिक्षा को भी बढ़ावा मिला है।
नई शिक्षा नीति, उच्च शिक्षा संस्थानों में बढ़ते शैक्षणिक अवसर, शोध की बेहतर सुविधाएं, अपेक्षाकृत कम शिक्षा शुल्क और बेहतर शैक्षणिक माहौल के कारण विदेशी विद्यार्थियों का रुझान प्रदेश की ओर बढ़ा है। इसका सकारात्मक प्रभाव प्रदेश की वैश्विक शैक्षणिक छवि पर भी पड़ रहा है।