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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Good News मांस के निर्यात में उत्तर प्रदेश की भागीदारी आधे से अधिक

    By Dharmendra PandeyEdited By:
    Updated: Thu, 08 Aug 2019 04:48 PM (IST)

    देश में सर्वाधिक खाद्यान्न चीनीआलू दूध मांस व फल आदि उत्पादन करने वाले उत्तर प्रदेश की देश से होने वाले कुल मांस निर्यात में प्रदेश की हिस्सेदारी आधे ...और पढ़ें

    Good News मांस के निर्यात में उत्तर प्रदेश की भागीदारी आधे से अधिक
    Good News मांस के निर्यात में उत्तर प्रदेश की भागीदारी आधे से अधिक

    लखनऊ [अवनीश त्यागी]। उत्तर प्रदेश की देश के कृषि निर्यात में भागीदारी मात्र 7.35 प्रतिशत है परंतु मांस निर्यात में सबसे आगे है। देश में सर्वाधिक खाद्यान्न, चीनी, आलू, दूध, मांस व फल आदि उत्पादन करने वाले उत्तर प्रदेश की देश से होने वाले कुल मांस निर्यात में प्रदेश की हिस्सेदारी आधे से अधिक (50.34 प्रतिशत) है। अन्य उत्पादों के निर्यात में वृद्धि पर ध्यान न दिए जाने से किसानों को मेहनत का फल नहीं मिल पा रहा। जिसके चलते वर्ष 2024 तक किसानों की आय दोगुना करना आसान नहीं दिख रहा।

    बेहतर नीतियों के चलते गुजरात 35 हजार करोड़ रुपये का कृषि निर्यात कर सबसे आगे है जबकि यूपी से 17591 करोड़ रुपये का ही निर्यात हो पाता है। बासमती चावल के प्रमुख निर्यातक अजय भलोटिया का कहना है कि कृषि निर्यात को लेकर गंभीरता न बरतने का नतीजा है कि निर्यात प्रतिस्पर्धा में यूपी आगे नहीं आ पा रहा। इसका प्रमुख कारण किसानों में जागरूकता नहीं होने के अलावा निर्यातकों को लुभाने के लिए ठोस योजनाएं न होना है।

    अंतरराष्ट्रीय मानकों पर ध्यान नहीं

    निर्यात में टिकने के लिए कृषि उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय मानक पूरे करना जरूरी है। खासतौर से कीटनाशक रसायनों के उपयोग में सर्तकता बरती जाए, तब ही विदेश मेंं देशी उत्पाद बेचा जा सकता है। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है ताकि प्रतिबंधित दवाओं का प्रयोग बंद किया जा सके। अलीगढ़ के किसान राजेश्वर सिंह का कहना है कि अधिकतम उपज लेने की होड़ से गुणवत्ता प्रभावित हुई है। इसमें कृषि विभाग की यह जिम्मेदारी बनती है कि किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने के साथ खेती के आधुनिक तौर- तरीकों की जानकारी भी दे।

    भंडारण व परिवहन सुविधा का टोटा

    कृषि निर्यात में पिछडऩे की एक और वजह भंडारण व परिवहन सुविधाओं का टोटा होना भी है। अलसी, मिर्च व मटर निर्यात से जुड़े किसान गाजीपुर के किसान रामकुमार राय का कहना है कि गुजरात, महाराष्ट्र हरियाणा व पंजाब में कृषि उत्पादों का रखरखाव बेहतर और आधुनिक ढंग से होता है। इसमें कमी की वजह से ही निर्यातकों की पहली पंसद उत्तर प्रदेश नहीं बन पा रहा।

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    कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही का कहना है कि सरकार जल्द कृषि निर्यात नीति लागू करने जा रही है जिसका प्रारूप तैयार हो चुका है। जरूरी बदलाव के बाद नीति लागू होगी।

    कृषि निर्यात में प्रदेश का योगदान

    उत्पाद  निर्यात प्रतिशत

    मांस -    50.34

    गेहूं   -    37.59

    शहद -     26.59

    दुग्ध उत्पाद- 13.31

    आम   -    4.12

    अन्य फल - 15.84

    चावल       - 4.02

    बासमती चावल- 3.21

    पुष्प आदि- 0.57

    मेवा जूस आदि- 0.51

    नोट-वर्ष 2018-19 के प्राप्त आंकड़े। 

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