विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttar Pradesh : यूपी के सरकारी स्कूलों-कॉलेजों में रिटायर्ड शिक्षकों से ली जाएगी सेवाएं, सीएम योगी ने दिए निर्देश

By Ashish Kumar TrivediEdited By: Shivam Yadav
Updated: Sat, 14 Oct 2023 03:41 PM (IST)

Uttar Pradesh News - मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजकीय इंटर कॉलेजों के 219 नव चयनित प्रधानाचार्यों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। योगी ने ...और पढ़ें

नई भर्ती होने तक सेवानिवृत्त शिक्षकों की ली जाएं सेवाएं: योगी
नई भर्ती होने तक सेवानिवृत्त शिक्षकों की ली जाएं सेवाएं: योगी

HighLights

  1. मुख्यमंत्री ने 219 नवनियुक्त प्रधानाचार्यों को बांटे नियुक्ति पत्र
  2. बोले- अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर कराएं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजकीय इंटर कॉलेजों के 219 नव चयनित प्रधानाचार्यों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। योगी ने इस अवसर पर कहा कि सरकारी इंटर कॉलेजों में नए शिक्षकों की नियुक्ति होने तक सेवानिवृत्त अध्यापकों की सेवाएं ली जाएं। रिटायर शिक्षकों के अनुभव का लाभ लेने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक शिक्षा देना आसान होगा।

लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय यह सरकारी इंटर कॉलेज माध्यमिक शिक्षा की रीढ़ हुआ करते थे, मगर समय पर शिक्षकों का चयन न होने से शिक्षा का स्तर गिरता गया। स्कूलों में छात्रों की संख्या कम हुई और लोगों का विश्वास घटता चला गया। फिर यूपी बोर्ड के यह स्कूल नकल का केंद्र बन गए। यहां ठेके पर नकल होने लगी। शैक्षिक सत्र परीक्षा, रिजल्ट और प्रवेश में ही बीत जाता था। 

भाजपा सरकार ने किए अहम बदलाव

उन्होंने कहा कि छह वर्ष पूर्व जब भाजपा सरकार सत्ता में आई तो कई अहम बदलाव किए गए। नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा 15 दिनाें में कराई गई और 15 ही दिनों में परिणाम भी जारी किया जा रहा है। अब पूरे देश के लिए यूपी बोर्ड की परीक्षा नजीर बन चुकी है। परिषदीय व सरकारी माध्यमिक स्कूलों में 1.68 लाख शिक्षकों की भर्ती की गई।

एक घंटा अतिरिक्त जरूर पढ़ाएं: योगी

योगी ने नसीहत देते हुए कहा कि अगर इन स्कूलों की छवि अच्छी बनानी है तो विद्यार्थियों को स्कूल की छुट्टी के बाद कम से कम एक घंटा अतिरिक्त जरूर पढ़ाएं। इन्हें इंजीनियरिंग व मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराएं। इससे दो फायदे होंगे। पहला यह कि विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग मिलेगी और दूसरा उनका चयन होने पर स्कूल का नाम भी रोशन होगा। 

यह भी पढ़ें: Noida Cylinder Blast: नोएडा में समोसा बनाते समय एलपीजी सिलेंडर फटा, सात लोग झुलसे

यह भी पढ़ें: Banke Bihari Mandir : नवरात्र पर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए आई बड़ी खुशखबरी; पहले दिन मिलेगा यह लाभ