यूपी कृषि विजन: 2047 तक 27 प्रतिशत कृषि भूमि पर प्राकृतिक खेती का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने 2047 तक राज्य को पूर्ण विकसित बनाने के लक्ष्य के तहत कृषि क्षेत्र में बड़े कदम उठाने की योजना बनाई है।

2047 तक 27 प्रतिशत कृषि भूमि पर प्राकृतिक खेती का लक्ष्य।
HighLights
2047 तक उत्तर प्रदेश को पूर्ण विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य।
प्राकृतिक खेती का रकबा 5% से बढ़ाकर 27% करने का लक्ष्य।
कृषि उत्पादों के निर्यात में राज्य की हिस्सेदारी 10% तक बढ़ाना।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक राज्य को पूर्ण विकसित करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि क्षेत्र में कई नए व बड़े कदम उठाए जाएंगे। विकसित उत्तर प्रदेश@2047 के विजन डाक्यूमेंट में ‘नवाचार से कृषि विकास’ मंत्र के साथ प्रदेश में आधुनिक खेती के साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
प्राकृतिक खेती बढ़ने से कृषि भूमि की सेहत अच्छी होने के साथ ही राज्य में रहने वाले लोगों की सेहत भी सुधरेगी। प्रदेश में प्राकृतिक खेती अभी कुल कृषि भूमि के महज पांच प्रतिशत हिस्से में की जा रही है, उसे वर्ष 2047 तक पांच गुणा से भी अधिक बढ़ाते हुए 27 प्रतिशत करने का बड़ा लक्ष्य तय किया गया है।
वर्ष 2029-30 तक प्राकृतिक खेती का रकबा 8.5 प्रतिशत, वर्ष 2035-36 तक 19 प्रतिशत तथा वर्ष 2046-47 तक 27 प्रतिशत करने का लक्ष्य तय किया गया है। अभी कुल पांच प्रतिशत कृषि भूमि पर ही किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं।
इसके साथ ही प्रदेश से कृषि उत्पादों के निर्यात का लक्ष्य लगभग चार गुणा करने का लक्ष्य है। अभी कृषि उत्पादों के कुल निर्यात में राज्य की हिस्सेदारी 2.7 प्रतिशत है। इसे वर्ष 2029-30 तक पांच प्रतिशत, वर्ष 2035-36 तक आठ प्रतिशत और वर्ष 2046-47 तक 10 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य है।
कृषि क्षेत्र के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विकसित यूपी के विजन डाक्यूमेंट में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है। जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए पानी की बचत करने वाली व्यावसायिक खेती, मध्य यूपी के लिए कृषि विविधीकरण और मूल्य वर्धन, बुंदेलखंड के लिए जलवायु आधारित कृषि माडल तथा पूर्वांचल के लिए कृषि उत्पादकता में बदलाव को केंद्र में रखते हुए कार्ययोजना बनाई गई है।
प्रदेश को आठ कृषि-जलवायु क्षेत्रों में बांटते हुए गन्ना, आलू, बासमती चावल, कालानमक चावल, गेहूं, बाजरा, मक्का, दलहन, तिलहन आदि का उत्पादन बढ़ाने के लिए एआइ आधारित मशीनों का प्रयोग भी बढ़ाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि देश की कुल 11 प्रतिशत कृषि भूमि वाला यह राज्य देश के कुल खाद्यान उत्पादन में 21 प्रतिशत का भारी भरकम योगदान दे रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र लगभग 25 प्रतिशत योगदान दे रहा है।
