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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP में पर्यटन उद्योग को मिलेगा बढ़ावा, इस राज्य के मॉडल पर काम शुरू... योगी सरकार का रोडमैप तैयार

    Updated: Sun, 01 Dec 2024 07:54 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान के मॉडल पर काम करना शुरू कर दिया है। इस सिलसिले में 7 दिसंबर को लखनऊ में ...और पढ़ें

    यूपी में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। (तस्वीर जागरण)
    यूपी में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। (तस्वीर जागरण)

    HighLights

    1. राजघरानों के प्रतिनिधियों के साथ सात दिसंबर को होगा मंथन
    2. 250 होटलों के मालिक व निवेशक लेंगे कॉन्क्लेव में हिस्सा

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक नया कदम उठाया है। पर्यटन विभाग ने राजस्थान और गुजरात के मॉडल पर काम करते हुए प्रदेश में हेरीटेज पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू कर दी है। इस सिलसिले में सात दिसंबर को ताज होटल, लखनऊ में एक कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें राजघरानों के प्रतिनिधि, होटलों के संचालक, निवेशक और सलाहकार भाग लेंगे।

    इस कॉन्क्लेव में 60 से अधिक राजघरानों के प्रतिनिधियों के अलावा देशभर से करीब 250 प्रमुख होटल संचालक, रियल एस्टेट व्यवसायी और अन्य निवेशक शामिल होंगे।

    यूपी तेजी से कर रहा विकास- मंत्री जयवीर सिंह

    पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश हाल के वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से विकास करने वाला राज्य बनकर उभरा है। 2023 में यहां 48 करोड़ से अधिक पर्यटक आए थे। प्रदेश सरकार अब हेरीटेज पर्यटन को प्राथमिकता दे रही है, ताकि यहां के ऐतिहासिक किलों, महलों और कोठियों को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाया जा सके।

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    प्रदेश में बड़ी संख्या में किले, महल और कोठियां हैं

    प्रदेश में बड़ी संख्या में किले, महल और कोठियां हैं, जिन्हें उनके वास्तविक स्वरूप और वास्तुकला को बरकरार रखते हुए उपयोगी बना कर पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। जयवीर सिंह ने कहा कि इन किलों और महलों को हेरिटेज होटल, वेडिंग डेस्टिनेशन, वेलनेस सेंटर, रिजॉर्ट और सांस्कृतिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।

    इस दिशा में कदम उठाते हुए, पर्यटन विभाग ने हाल ही में मिर्जापुर स्थित चुनार किला, झांसी स्थित बरुआसागर किला, लखनऊ स्थित छतर मंजिल और रोशन-उद-दौला, मथुरा स्थित बरसाना महल और कानपुर देहात स्थित शुक्ल तालाब को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) पर निजी कंपनियों को सौंपा है।

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    कॉन्क्लेव से पर्यटन से जुड़ी नई संभावनाओं के खुलने की उम्मीद

    इस कॉन्क्लेव के आयोजन से पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि राजघरानों के प्रतिनिधियों और उद्योग के विशेषज्ञों के साथ सीधा संवाद होने से प्रदेश में पर्यटन उद्योग को लेकर सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। इस सम्मेलन के माध्यम से राज्य में पर्यटन क्षेत्र में नए निवेश को आकर्षित करने और पर्यटन से जुड़ी नई संभावनाओं को खुलने की उम्मीद है।

    पर्यटन विभाग का यह कदम उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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