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योगी सरकार की पहल: उत्तर प्रदेश में 19,000 से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण, जल संरक्षण में बना अग्रणी राज्य

Published: Mon, 25 May 2026 06:57 PM (IST)

उत्तर प्रदेश ने केंद्र की अमृत सरोवर योजना के क्रियान्वयन में देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है, जहाँ 19,978 ...और पढ़ें

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HighLights

  1. यूपी अमृत सरोवर योजना में देश में शीर्ष पर।

  2. 19,978 सरोवरों का निर्माण, भूजल स्तर सुधरा।

  3. ग्रामीणों को मनरेगा से मिला सम्मानजनक रोजगार।

डिजिटल टीम, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जल संरक्षण, पर्यावरण सुधार और ग्रामीण आजीविका की दिशा में एक और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'अमृत सरोवर योजना' के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश का शीर्ष राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश में अब तक रिकॉर्ड 19,978 अमृत सरोवरों का निर्माण और पुनरुद्धार पूरा किया जा चुका है। ग्राम्य विकास विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पूरे देश में निर्मित कुल अमृत सरोवरों का अकेले 30 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। इस महाअभियान ने न केवल सूबे में भूजल संकट को दूर किया है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार सृजन का भी एक मजबूत जरिया बना है।

सरोवर निर्माण में गोरखपुर अव्वल

उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में इस योजना पर युद्धस्तर पर काम किया गया है, जिसमें पूर्वांचल के जिलों ने बाजी मारी है।

  • गोरखपुर इस अभियान में पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर है, जहाँ रिकॉर्ड 735 अमृत सरोवरों का काम पूरा हो चुका है।

  • महाराजगंज 601 सरोवरों के सफल निर्माण के साथ राज्य में दूसरे स्थान पर है।

  • प्रयागराज 525 सरोवरों का कायाकल्प कर तीसरे पायदान पर अपनी जगह बनाए हुए है।

खेती-किसानी से लेकर पर्यावरण तक को संजीवनी

योगी सरकार की यह पहल केवल जल स्रोतों को सहेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बहुआयामी आर्थिक और सामाजिक लाभ जमीन पर दिखने लगे हैं।

  • वर्षा जल संचयन: सरोवरों के माध्यम से बारिश के पानी को बड़े पैमाने पर सहेजा जा रहा है, जिससे डार्क जोन में भी भूजल स्तर में सुधार हो रहा है।

  • किसानों को संबल: सरोवरों में एकत्रित पानी से स्थानीय किसानों को सिंचाई के लिए प्रचुर मात्रा में जल मिल रहा है, जिससे कृषि आधारित आजीविका सुदृढ़ हुई है।

  • पर्यावरणीय संतुलन: गांवों में हरियाली, स्वच्छता और सतत विकास को बढ़ावा देकर यह योजना आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार कर रही है।

  • सिर्फ जल निकाय नहीं, सुंदर 'पिकनिक स्पॉट' के रूप में विकास

    इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इन जलाशयों का आधुनिक और व्यावहारिक डिजाइन है। प्रत्येक अमृत सरोवर को न्यूनतम 1 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है, जिसकी जल भंडारण क्षमता लगभग 10,000 क्यूबिक मीटर है। इन सरोवरों को ग्रामीणों के लिए एक सामाजिक केंद्र के रूप में बदला गया है, जहाँ:

    • सरोवरों के चारों तरफ टहलने के लिए पक्का वॉकिंग ट्रैक बनाया गया है।

    • लोगों के बैठने के लिए बेंच, छायादार पेड़ और आकर्षक लाइट व्यवस्था की गई है।

    • पर्यावरण की शुद्धता के लिए बड़े पैमाने पर सघन वृक्षारोपण किया गया है।

    ग्रामीणों को गांव में ही मिला रोजगार

    योगी सरकार ने इस पूरे अभियान को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) से जोड़कर दोहरा लाभ कमाया है। सरोवरों की खुदाई, गाद निकालने और उनके सुंदरीकरण के कार्यों में स्थानीय श्रमिकों को शामिल किया गया। इससे उत्तर प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को आर्थिक मंदी के दौर में भी उनके गांव के भीतर ही सम्मानजनक रोजगार और समय पर मजदूरी मिली है, जिसने ग्रामीण बाजारों में नकदी के प्रवाह को बनाए रखा है।

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