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    संत रविदास जयंती पर यूपी में मतांतरण के खिलाफ VHP चलाएगा अभियान, गांवों में आयोजित होंगे संवाद सत्र

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 12:23 AM (GMT+05:30)

    विश्व हिंदू परिषद संत रविदास जयंती तक छह माह का देशव्यापी मतांतरण रोधी अभियान चलाएगी। ...और पढ़ें

    सरसंघचालक मोहन भागवत। (फाइल फोटो)

    सरसंघचालक मोहन भागवत। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. विहिप संत रविदास जयंती तक चलाएगी देशव्यापी अभियान।

    2. अभियान का लक्ष्य सामाजिक समरसता और मतांतरण रोकना।

    3. गांवों में संगोष्ठियां कर सनातन धर्म के बारे में बताएगी।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। भक्ति आंदोलन के जरिये सामाजिक समरसता बढ़ाने और मतांतरण रोकने में अभूतपूर्व योगदान देने वाले संत रविदास की जयंती को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) अगले वर्ष फरवरी तक छह माह का देशव्यापी विशेष अभियान चलाएगी।

    विहिप गांवों में संगोष्ठियां कर बताएगी कि संत रविदास जातिविहीन समाज के समर्थक थे। लोगों को सनातन धर्म के बारे में बताया जाएगा।

    उन्हें मतांतरण के षड्यंत्रों के प्रति आगाह किया जाएगा। यह अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तर प्रदेश में मतांतरण को लेकर कई बार राजनीति गरमाई है। पिछले दिनों लखनऊ प्रवास के दौरान आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भी मतांतरण को बड़ा खतरा बताया था।

    विहिप के केंद्रीय मंत्री अंबरीश ने बताया कि संत रविदास समरसता व स्वाभिमान के प्रतीक थे। नई दिल्ली के शासक सिकंदर लोधी ने संत रविदास पर धर्म बदलने के लिए दबाव डाला, लेकिन वह नहीं झुके।

    जगाएगी सामाजिक चेतना

    इसी को प्रतीक बनाकर विहिप अपने विभागों (चार-पांच जिलों को मिलाकर एक विभाग) में मतांतरण के खिलाफ अभियान चलाकर सामाजिक चेतना जगाएगी। इसके तहत संवाद सत्र आयोजित होंगे। दलितों को अपने साथ जोड़ने का लक्ष्य होगा।

    विहिप पदाधिकारियों का कहना है कि संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रहे अशोक सिंघल की भी इस वर्ष सौवीं जयंती है और वह भी सामाजिक समरसता के लिए समर्पित थे। दोनों के लिए परिषद ने अलग-अलग कार्यक्रम बनाए हैं।

    राजनीतिक जानकारों का कहना है कि विहिप द्वारा मतांतरण विरोधी अभियान चलाने के निर्णय से वैचारिक हलचल तेज होगी। बेशक विहिप का कार्यक्रम अलग होगा, लेकिन उसके मुद्दों से भाजपा के चुनावी समीकरण भी बदलेंगे।

    पिछले साल जुलाई में पुलिस ने बलरामपुर में मतांतरण का बड़ा रैकेट संचालित करने वाले जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया था। माना जा रहा है विहिप के अभियान से ध्रुवीकरण का पारा चढ़ा सकता है।