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यूपी में भाजपा के 200 टिकट बदल सकते हैं विनोद तावड़े, विधानसभा चुनाव में होगी नए चेहरों की एंट्री

Published: Tue, 18 Aug 2026 09:08 PM (IST)

राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े उत्तर प्रदेश में बड़े संगठनात्मक और चुनावी बदलावों की रणनीति तैयार करेंगे।

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सालभर से उत्तर प्रदेश को मथ रहे राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े भाजपाई रणनीति में बड़े बदलाव के सूत्रधार बन सकते हैं। प्रदेश इकाई में दो तिहाई चेहरे एवं सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदलकर इसका संकेत भी दे चुके हैं।

चर्चा है कि हरियाणा एवं बिहार में प्रभारी के रूप में सफल पारी खेलने वाले तावड़े यूपी में दो सौ टिकट बदलने की रणनीति को जमीन पर उतारने की कसरत में जुटेंगे। पार्टी जानती है कि जनप्रतिनिधियों के प्रति जनता में नाराजगी बढ़ी है, जिसका असर चुनाव पर पड़ सकता है।

वहीं, गुजरात के रहने वाले राष्ट्रीय मंत्री जगदीश ईश्वर भाई पटेल सह-प्रभारी के रूप में पार्टी की रणनीति को नई धार देंगे। माना जा रहा है कि दोनों चेहरे 2027 विधान सभा चुनाव में गुजरात की तर्ज पर बड़े प्रयोग करेंगे।

राज्यसभा सदस्य विनोद तावड़े ने योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार से पहले 12 और 13 अप्रैल को लखनऊ में रुककर मंत्रियों, विधायकों एवं संगठन के पदाधिकारियों से मुलाकात की थी।

बाद में वह सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मिलकर दिल्ली गए। दस मई को मंत्रिमंडल विस्तार में कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश राजपूत और सुरेंद्र दिलेर जैसे नए चेहरों को शामिल करने का धरातल बनाया।

इसके बाद प्रदेश इकाई के गठन को लेकर दिल्ली में राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के साथ तावड़े भी बैठे, जिससे साफ संदेश उभरा कि वह उत्तर प्रदेश के अगले प्रभारी हो सकते हैं। वह यूपी में निगम, आयोग एवं बोर्ड में चेहरों के समायोजन की प्रक्रिया में भी अहम भूमिका में हैं।

माना जा रहा है कि वह परंपरागत राजनीतिक संस्कृति में बड़े बदलाव के पक्षधर हैं, जिसकी छलक संगठन से लेकर मंत्रिमंडल तक नजर आई है।

प्रदेश इकाई में युवा राहुल वाल्मीकि से लेकर युवा मोर्चा अध्यक्ष रोहित मिश्रा जैसे चेहरों को आगे करने का वातावरण बनाया। अब विधान सभा चुनाव पर सबकी दृष्टि होगी।

तावड़े की सफल संगठनात्मक यात्रा 

तावड़े की संगठनात्मक यात्रा काफी सफल रही है। वह 2020 में हरियाणा के प्रभारी बनाए गए। 2022 में बिहार का प्रभार संभाला, जहां 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन अन्य राज्यों से बेहतर रहा।

2025 में एक बार फिर तावड़े के नेतृत्व में बिहार में बीजेपी और जदयू की सरकार बनी। पड़ोसी राज्यों हरियाणा एवं बिहार का जातीय गणित समझने का फायदा तावड़े को यूपी में भी मिलेगा।

वहीं, वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनावी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जगदीश ईश्वर भाई पटेल का दायरा प्रदेशभर में होगा। उन्हें गुजरात लॉबी की पसंद कहा जाता है। इससे पहले सुनील भाई ओझा भी वाराणसी में चुनावी प्रबंधन संभाल चुके हैं।

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