पाकिस्तान के ISI हैंडलरों को सेना की जानकारी भेजने वाले वसीउल्लाह को चार वर्ष की कैद, NIA कोर्ट लखनऊ ने सुनाई सजा
NIA Court Lucknow: यूपी एटीएस (ATS) ने 2023 में जासूसी नेटवर्क के खुलासे के दौरान वसीउल्लाह को खोजा था। वह सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए पाकिस्ता ...और पढ़ें

लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी वसीउल्लाह को चार वर्ष की कैद
HighLights
एनआईए कोर्ट ने वसीउल्लाह खान पर लगाया आठ हजार रुपये जुर्माना
लखनऊ निवासी वसीउल्लाह खान को एनआईए ने वर्ष 2023 में किया था गिरफ्तार
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। पाकिस्तान में आईएसआई के हैंडलरों को भारतीय सेना की जानकारी भेजने वाले वसीउल्लाह खान को लखनऊ की एनआईए कोर्ट ने दोषी माना है। कोर्ट ने लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी वसीउल्लाह को चार वर्ष की कैद के साथ आठ हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
एनआईए कोर्ट में सुनवाई के दौरान 25 जुलाई को वसीउल्लाह खान ने जुर्म अदालत में स्वीकार कर लिया था। इसके बाद शुक्रवार को कोर्ट ने उसको चार वर्ष कैद की सजा सुनाई। लखनऊ की विशेष एनआईए कोर्ट ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (ISI) के हैंडलरों तक भारतीय सेना की अतिसंवेदनशील और गोपनीय सूचनाएं पहुंचाने वालावसीउल्लाह खान लखनऊ की राजाजीपुरम कॉलोनी का निवासी है। उसका नाम यूपी एटीएस (ATS) ने 2023 में जासूसी नेटवर्क के खुलासे के दौरान खोजा था। वह सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में था।
न्यायालय के समक्ष एटीएस के संयुक्त निदेशक (अभियोजन) राजेश कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में एटीएस के उपनिरीक्षक मोहम्मद अकरम ने 25 सितंबर 2023 को थाना एटीएस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि एटीएस को गुप्त सूचना मिल रही थी कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी कुछ लोगों को पैसों का लालच देकर भारतीय सेना की जानकारियां प्राप्त कर रही है।
इसकी जांच के दौरान शैलेंद्र सिंह चौहान व वसीउल्लाह खान का नाम सामने आया। जानकारी करने पर पता चला कि यह लोग इंटरनेट मीडिया और वाट्सएप के जरिए पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में हैं तथा देश की गुप्त सूचनाएं दुश्मन देश को दे रहे हैं। विवेचना के बाद दोनों के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। वाद विचारण के दौरान दोनों की पत्रावली अलग-अलग कर दी गई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान 25 जुलाई को वसीउल्लाह खान ने न्यायालय के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
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देश के खिलाफ षड्यंत्र रचने पर हुई सजा
विशेष न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सजा की मात्रा अपराध की गंभीरता के अनुसार होनी चाहिए। कोर्ट ने दर्ज किया कि अभियुक्त ने अदालत के समक्ष स्वयं अपना जुर्म कुबूल किया है, जिसके आधार पर उसे चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।
विशेष एनआईए कोर्ट लखनऊ ने पाकिस्तानी एजेंसी ISI को भारतीय सेना की खुफिया जानकारी भेजने वाले दोषी वसीउल्लाह खान को 4 साल के कठोर कारावास और 8,000 जुर्माने की सजा सुनाई है। यूपी एटीएस ने वर्ष 2023 में इस जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। वह नवंबर 2023 से जेल में बंद है। वसीउल्लाह आईएसआई के इशारे पर सेना की खुफिया जानकारियां भेज रहा था। सितंबर 2023 में वसीउल्लाह का साथी गिरफ्तार किया गया था।
कासगंज से पकड़ा गया था सह-आरोपी
सेना की गोपनीय जानकारी लीक होने पर जांच के दौरान सबसे पहले कासगंज के शैलेश कुमार उर्फ शैलेंद्र सिंह चौहान को पकड़ा गया था। उसके मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों को खंगालने पर वसीउल्लाह खान की इस जासूसी नेटवर्क में भूमिका उजागर हुई। जिसके बाद एटीएस ने उसके खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक ने कोर्ट में तर्क दिया कि दोषी ने देश की संप्रभुता और सुरक्षा को खतरे में डालते हुए प्रतिबंधित जानकारियां दुश्मन देश की एजेंसी को सौंपीं, इसलिए उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए। बचाव पक्ष के वकील ने वसीउल्लाह की खराब आर्थिक स्थिति और परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य होने का हवाला देते हुए कम सजा की गुहार लगाई।