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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

योगी आदित्यनाथ का निर्देश, जनहित में खर्च हो योजनाओं की रकम

By amal chowdhuryEdited By:
Updated: Sun, 02 Apr 2017 08:20 AM (IST)

शास्त्री भवन में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाओं को हर हाल में निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए।

योगी आदित्यनाथ का निर्देश, जनहित में खर्च हो योजनाओं की रकम
योगी आदित्यनाथ का निर्देश, जनहित में खर्च हो योजनाओं की रकम

लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी योजनाओं के तहत आवंटित की जा रही रकम का पूरा उपयोग जनहित में करने का निर्देश दिया है। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भ्रष्ट और दागी लोगों को कोई महत्व न दिए जाने की हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी धन जनता का है और इसका दुरुपयोग हर हाल में रोका जाए। उन्होंने कहा कि विकास का मतलब फिजूलखर्ची नहीं है।

शास्त्री भवन में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाओं को हर हाल में निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आवंटित धन का सदुपयोग हो और किसी भी दशा में पीएलए में धनराशि न रखी जाए। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए ताकि परियोजनाओं के खर्च का वेरीफिकेशन किया जा सके।

दागियों द्वारा उन्होंने अराजकता का माहौल पैदा किए जाने की बात कहते हुए ऐसे लोगों को ठेकों से दूर रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सरकार के किसी भी विभाग में अराजकता का माहौल न हो, ताकि अधिकारी व कर्मचारी ठीक तरह से अपने दायित्व निभा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नई कार्य संस्कृति लागू की गई है, जिसका हम अनुसरण करेंगे।

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राज्य सरकार लोगों को भ्रष्टाचार से मुक्त गुड गवर्नेस देना चाहती है, इसलिए यह जरूरी है कि फाइलों की इंडेक्सिंग हो और कोई भी फाइल तीन दिन के भीतर निस्तारित होकर संबंधित विभाग से अधिकतम सात दिन में वापस आ जाए। इससे आम जनता को काफी सुविधा होगी। बैठक में उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा सहित मंत्रिमंडल के कई सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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