यूपी चुनाव को लेकर ‘आधी आबादी’ पर भाजपा का पूरा दांव, महिलाओं को आर्थिक मदद देने की तैयारी में योगी सरकार
योगी सरकार अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले छह करोड़ से अधिक महिला मतदाताओं को साधने के लिए बड़े फैसले की तैयारी में है।


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अजय जायसवाल, लखनऊ। अगले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश की छह करोड़ से अधिक महिला मतदाताओं को साधने के लिए बड़े फैसले की तैयारी में है।
महिलाओं को सीधे आर्थिक मदद देने से लेकर पहले से संचालित योजनाओं की सहायता राशि बढ़ाने और नई महिला केंद्रित योजना शुरू करने जैसे विकल्पों पर विचार चल रहा है। मध्य प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों से पहले ऐसा ही दांव चला गया था और जिसके बाद भाजपा अपने गठबंधन की सरकार बनाने में सफल भी हुई।
यूपी में सभी दल महिला मतदाताओं को साधने की रणनीति पर काम रहे हैं और सत्ताधारी भाजपा प्रत्यक्ष लाभ के सहारे उन पर बढ़त बनाने की तैयारी में है।
महिलाओं को सहायता देने की तैयारी में सरकार
सूत्रों के अनुसार, सरकार के सामने एक विकल्प महिलाओं के खाते में सीधे आर्थिक सहायता देने का है। दूसरा रास्ता पहले से चल रही योजनाओं की राशि बढ़ाकर उसका दायरा विस्तृत करना है। तीसरा विकल्प किसी नए महिला केंद्रित कार्यक्रम की घोषणा का है।
अंतिम निर्णय से पहले वित्तीय भार, लाभार्थियों की संख्या और योजना के प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। सरकार के लिए चुनौती ऐसी योजना तैयार करने की है, जिसका लाभ व्यापक महिला वर्ग तक पहुंचे और उसका असर चुनाव से पहले जमीन पर भी दिखाई दे।
महिलाओं की होगी आर्थिक मदद
हालांकि, सरकार पहले से इस दिशा में काम कर रही है। इसी साल मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सहायता राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये की गई। वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट में महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रविधान किया गया।
अब अनुपूरक बजट के जरिए सरकार वृद्धावस्था, दिव्यांग, निराश्रित महिला पेंशन को 1500 रुपये प्रतिमाह करने जा रही है। वर्ष 2017 में पेंशन योजनाओं में 300 रुपये प्रतिमाह दिया जाता था, ऐसे में सरकार इसे बड़े सुधार के रूप में पेश करने की तैयारी में है।
बेटियों को लेकर योजना लाने की तैयारी
वहीं कन्या सुमंगला योजना में तीन लाख रुपये तक की वार्षिक आय सीमा वाले परिवारों की बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक छह चरणों में अधिकतम 25 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। इसकी राशि और दायरा, दोनों बढ़ाने के विकल्प पर भी विचार हो रहा है।
वहीं हाल ही में सरकार ने मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत मुफ्त स्कूटर देने की घोषणा की है, इसके वितरण कार्यक्रम की भी बड़ी तैयारी की जा रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से तीन करोड़ महिलाओं को जोड़ने और एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य के लिए भी सरकार काम कर रही है।
यूपी में 6 करोड़ से ज्यादा महिला मतदाता
प्रदेश में वर्तमान में छह करोड़ से अधिक महिला मतदाता हैं। वर्ष 2022 में भाजपा की सरकार बनाए रखने में महिलाओं की भी अहम भूमिका मानी जाती है। ऐसे में तीसरी बार जीत के लिए भाजपा अपने संकल्प में महिलाओं को खाते में सीधा पैसा देने संबंधी योजना का वादा कर सकती है।
सरकार यह संदेश देने की कोशिश में है कि महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ सीधे आर्थिक लाभ भी देने में भी वह पीछे नहीं है।
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