योगी सरकार ने जल शक्ति अभियान को दिया नया विस्तार, क्लासरूम से घर-घर पहुंचेगा पानी बचाने का संदेश; लाखों छात्र बनेंगे 'जल प्रहरी'
योगी सरकार ने जल शक्ति अभियान का विस्तार करते हुए इसे छात्रों से जोड़ा है। 16 से 30 अप्रैल तक सभी स्कूलों में 'जल पखवाड़ा' आयोजित होगा, जिसका उद्देश्य ...और पढ़ें

स्कूलों में चलेगा योगी सरकार का जल शक्ति अभियान
HighLights
16-30 अप्रैल तक स्कूलों में 'जल पखवाड़ा' आयोजित होगा।
ऑनलाइन ट्रैकिंग से गतिविधियों की प्रतिदिन रिपोर्टिंग अनिवार्य।
छात्र प्रार्थना सभा में 'जल शपथ' लेंगे, बनेंगे जल प्रहरी।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जल संरक्षण को लेकर एक निर्णायक और दूरदर्शी पहल की है। 'जल शक्ति अभियान' को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए सरकार ने इसे सीधे प्रदेश की भविष्य की पीढ़ी, यानी छात्रों से जोड़ दिया है। 16 से 30 अप्रैल तक प्रदेश के सभी विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष 'जल पखवाड़ा' आयोजित किया जाएगा। इस अभियान का मूल उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि जल संरक्षण को एक अनिवार्य सामाजिक दायित्व बनाना है, जिसकी गूंज स्कूलों की कक्षाओं से लेकर पूरे समाज में सुनाई देगी।
ऑनलाइन ट्रैकिंग और जवाबदेही तय
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी तकनीक-आधारित सुदृढ़ मॉनिटरिंग व्यवस्था है। योगी सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी विद्यालयों को अपनी प्रतिदिन की गतिविधियों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग अनिवार्य रूप से करनी होगी। एक विशेष ट्रैकर के माध्यम से प्रतिभागियों की संख्या, फोटो और वीडियो अपलोड किए जाएंगे। जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जनपद स्तर पर बेसिक शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है, ताकि इस अभियान को कागजों से इतर धरातल पर एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।
प्रार्थना सभा में 'जल शपथ' और कार्यशालाएं
जल पखवाड़ा के दौरान उत्तर प्रदेश के विद्यालय जल संरक्षण के जीवंत केंद्रों के रूप में नजर आएंगे। प्रत्येक दिन की शुरुआत प्रार्थना सभा में 'जल शपथ' के साथ होगी, जहाँ छात्र जल बचाने का संकल्प लेंगे। इसके साथ ही जल निगम, पंचायती राज और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। यह पहल न केवल छात्रों को जागरूक करेगी, बल्कि अभिभावकों के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश घर-घर तक प्रभावी रूप से पहुंचाएगी।
रचनात्मक प्रतियोगिताओं से जुड़ेगी युवा शक्ति
छात्रों में जल के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के लिए निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताओं का सहारा लिया जाएगा। इसके अलावा, विद्यालयों में पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई के लिए विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाए जाएंगे।
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गुणवत्ता जांच और प्रदर्शनी
अभियान के तहत केवल जल बचाना ही नहीं, बल्कि शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता है। जल निगम की प्रयोगशालाओं के जरिए स्कूलों के पानी की गुणवत्ता जांची जाएगी और आवश्यक शुद्धिकरण किया जाएगा। विद्यालयों में फोटो प्रदर्शनियों और अभिभावक-शिक्षक संवाद के जरिए इस पूरे अभियान को व्यवहार परिवर्तन के एक सशक्त माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।