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    योगी सरकार सड़क सुरक्षा अभियान को लेकर सख्त, जीवन बचाने के लिए लोगों को जागरूक करने की मुहिम

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 03:24 PM (IST)

    योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत 7 दिनों में 57,186 चालान किए गए ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. 7 दिन में 57,186 चालान, 2,669 वाहन सीज

    2. हेलमेट, सीट बेल्ट न लगाने पर विशेष कार्रवाई

    3. मोबाइल पर ड्राइविंग, अनाधिकृत बसों पर भी लगाम

    ड‍िजिटल डेस्‍क, लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार सड़क पर लोगों के जीवन और सम्पत्ति की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा देने और नागरिकों में जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में परिवहन विभाग ने अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया और महज 7 दिन में बड़े स्तर पर कार्रवाई की।

    परिवहन विभाग के अनुसार, प्रदेश में विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान नियमों का पालन न करने पर 20 से 26 मई तक 57,186 चालान किए गए। वहीं 2,669 वाहनों को सीज किया। सड़क दुर्घटनाओं में हेलमेट और सीट बेल्ट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी कारण इन दोनों बिंदुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

    अभियान के दौरान 23,758 हेलमेट न लगाने वालों के चालान किए गए। इसी तरह 9,083 लोगों के सीट बेल्ट न लगाने पर चालान काटे गए। ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग दुर्घटना की संभावना को कई गुना बढ़ा देता है। इसको देखते हुए जागरूकता और चेतावनी देने के लिए ड्राइविंग के दौरान मोबाइल उपयोग करने वाले 3,676 लोगों पर कार्रवाई की गई।

    अनाधिकृत बसों पर भी लगाम

    विभाग ने सड़क हादसों को रोकने के लिए अनाधिकृत बसों पर भी कार्रवाई की। प्रदेशभर में ऐसी 1,502 बसों का चालान काटा और 400 से अधिक को सीज किया गया। वहीं माल वाहनों में सवारी ढोने पर 1 हजार से अधिक चालन किए गए। साथ ही 91 वाहनों को सीज भी किया।

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    अभियान के माध्यम से लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ओवरलोडिंग से बचने, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करने जैसे महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि अभियान का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को नियमों के पालन के लिए प्रेरित करना भी है।