Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    लखनऊ के होटल में युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह की संदिग्ध मौत, बैटरी चालित ट्रैक्टर बनाकर बटोरी थी सुर्खियां

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 04:15 PM (IST)

    लखनऊ के नोवोटेल होटल में 22 वर्षीय युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बरामद किया और पोस्टमार्टम ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह नोवोटेल होटल में मृत मिले।

    2. बैटरी से चलने वाले ट्रैक्टर के आविष्कारक थे राहुल।

    3. पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही, रिपोर्ट का इंतजार।

    जागरण संवाददाता, लखनऊ। गोमतीनगर स्थित नोवोटेल होटल में मंगलवार को युवा विज्ञानी 22 वर्षीय राहुल सिंह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले। सुबह चेकआउट का समय होने के बाद भी कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो होटल कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी।

    मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां राहुल बेड पर अचेत अवस्था में पड़े मिले। इंस्पेक्टर विभूतिखंड उपेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई।

    इंस्पेक्टर ने बताया कि राहुल मूल रूप से महराजगंज के सिसवा बाजार के बीजापार आसमान छपरा गांव के रहने वाले थे। वह सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे विभूतिखंड स्थित नोवोटेल होटल में ठहरे थे।

    मंगलवार सुबह उनके कमरे से कोई गतिविधि नहीं होने पर होटल प्रबंधन ने पुलिस को जानकारी दी। प्रथम दृष्टया मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। फारेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। परिवारजन को घटना की सूचना दे दी गई है।

    बता दें कि राहुल सिंह कम उम्र में ही अपनी विज्ञानी सोच और नवाचार के लिए पहचान बना चुके थे। उन्होंने बैटरी से चलने वाला इको-फ्रेंडली ट्रैक्टर तैयार किया था, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें पहचान दिलाई। राहुल मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी), गोरखपुर के डिजाइन इनोवेटर एंड इंक्यूबेशन सेंटर में रिसर्च और पढ़ाई कर रहे थे।

    उन्होंने 13 वर्ष की उम्र से लगातार तीन साल इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में पहला स्थान हासिल किया था। वर्ष 2018 में रोटी मेकर, 2019 में बैटरी चालित साइकिल और 2020 में बैटरी से चलने वाला ट्रैक्टर बनाकर उन्होंने सभी को चौंका दिया था।

    खबरें और भी

    राहुल का बनाया ट्रैक्टर बिना डीजल-पेट्रोल के चलता था और इसकी बैटरी ट्रैक्टर चलने के दौरान खुद ही चार्ज होती रहती थी। उनके इस नवाचार को कृषि क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना गया था।

    युवा विज्ञानी की अचानक मौत की खबर से परिवार, मित्रों और विज्ञानी समुदाय में शोक की लहर है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे मौत के कारणों का पता चल सके।