दूसरों के घर खाना पहुंचाने निकला था नितिन, अपने घर नहीं लौट सका; डिलीवरी बॉय की दर्दनाक मौत
लखनऊ में ज़ोमैटो डिलीवरी बॉय नितिन चौरसिया की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। गलत दिशा से आ रही ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

HighLights
ज़ोमैटो डिलीवरी बॉय नितिन चौरसिया की सड़क हादसे में मौत।
गलत दिशा से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली ने ली जान।
हादसे वाली जगह पर 11 सड़कों का मिलन, असुरक्षित यातायात।
विनय तिवारी, लखनऊ। रात करीब 10:15 बजे फोन की घंटी बजी तो 21 वर्षीय नितिन चौरसिया ने फोन उठाया। रोज की तरह डिलीवरी लेकर वह वृंदावन कालोनी की ओर निकल पड़ा। घर पर मां पुष्पा, पिता सरवन और छोटा भाई उसके लौटने का इंतजार कर रहे थे।
उम्मीद थी कि काम खत्म कर नितिन घर आएगा और परिवार के साथ बैठकर खाना खाएगा। लेकिन उस रात नितिन की आखिरी डिलीवरी उसके परिवार के लिए जिंदगीभर का दर्द बन गई। दूसरे के घर खाना पहुंचाने निकला नितिन खुद अपने घर नहीं पहुंच सका।
नितिन जामेटो में डिलीवरी ब्वाय था। सुबह से देर रात तक शहर की सड़कों पर बाइक दौड़ाकर परिवार की मदद करता था। पिता किसान हैं और मां गृहिणी। छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। परिवार की जिम्मेदारियों में नितिन भी बड़ा सहारा था। डिलीवरी का काम समय से जुड़ा है।
ग्राहक तक खाना जल्द पहुंचाने की कोशिश में रोज हजारों डिलीवरी ब्वाय शहर की सड़कों पर निकलते हैं। नितिन भी उसी जिम्मेदारी को निभाने निकला था, लेकिन सड़क की एक गलती ने उसका जीवन छीन लिया। नितिन वृंदावन कालोनी स्थित कालिंदी पार्क की ओर से सेक्टर-12 की सड़क से गुजर रहा था।
इसी दौरान सामने से गलत दिशा में ईंट लदी ट्रैक्टर ट्राली आ गई। नितिन कुछ समझ पाता, इससे पहले ही वह उसकी चपेट में आ गया। पहिए के नीचे आने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे स्वजन उसे ट्रामा सेंटर ले गए, जहां मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
11 सड़कों का मिलन, फिर भी सुरक्षित यातायात की व्यवस्था नहीं
हादसे की जगह पर करीब 11 सड़कें आकर मिलती हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक चारों तरफ से वाहन आने के कारण यहां हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
सड़क के बीच डिवाइडर और दो बड़े पेड़ों के कारण सामने से आने वाले वाहन कई बार दिखाई नहीं देते। रात में पर्याप्त प्रकाश और स्पष्ट दिशा संकेतों का अभाव भी जोखिम बढ़ाता है।
लोगों का कहना है कि सड़क की डिजाइन और यातायात व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है। सवाल यह है कि इतने मार्गों के मिलन वाले स्थान पर वाहनों की दिशा, यू-टर्न और क्रासिंग की सुरक्षित व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
नितिन की मौत के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि जिम्मेदार विभाग इस स्थान की रोड इंजीनियरिंग की जांच कराकर हादसों पर रोक लगाने के ठोस इंतजाम करेगा।
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