महराजगंज में कड़ी मशक्कत के बाद गंगा डॉल्फिन का सफल रेस्क्यू, राप्ती नदी में छोड़ी गई
महराजगंज में गंडक नदी से भटककर नहर में पहुंची गंगा डॉल्फिन को वन विभाग और टीएसए की टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे विशे ...और पढ़ें
-1784551731411_m.webp)
कड़ी मशक्कत के बाद गंगा डाल्फिन का सफल रेस्क्यू।
HighLights
गंडक से भटककर नहर में पहुंची डॉल्फिन का रेस्क्यू।
वन विभाग और टीएसए टीम ने मिलकर किया सफल बचाव।
स्वास्थ्य जांच के बाद राप्ती नदी में सुरक्षित पुनर्वासित।
जागरण संवाददाता, महराजगंज। गंडक नदी से भटककर देवरिया शाखा नहर में पहुंची गंगा डॉल्फिन को सोमवार को महराजगंज व कुशीनगर जनपद की सीमा में सिसवा शुक्ल के पास सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया।
महराजगंज, कुशीनगर और गोरखपुर के वन विभाग एवं टर्टल सर्वाइवल एलायंस (टीएसए) की टीम ने कई घंटे के परिश्रम के बाद डॉल्फिन को सुरक्षित निकाला। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे विशेष डॉल्फिन एंबुलेंस से गोरखपुर के राजघाट स्थित राप्ती नदी में पुनर्वासित किया गया।
शनिवार को महराजगंज के भिटौली थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव के पास मछुआरों के जाल में गंगा डॉल्फिन फंस गई थी। मछुआरों ने उसे नुकसान पहुंचाए बिना सुरक्षित नहर में छोड़ दिया। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग सक्रिय हुआ और डॉल्फिन की तलाश शुरू की।
वन विभाग को आशंका थी कि पानी कम होने या नहर के टेल में जाने पर उसकी जान को खतरा हो सकता है। रविवार को गोरखपुर, कुशीनगर और महराजगंज वन विभाग की टीम टीएसए की विशेषज्ञ टीम तथा विशेष डॉल्फिन एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंची।

दोपहर बाद धर्मौली गांव के पास डॉल्फिन को ट्रैप करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने जाल से छलांग लगाकर टीम को चकमा दे दिया। नहर में पानी का बहाव अधिक होने से रेस्क्यू अभियान में कठिनाई आई। एक समय टीएसए की टीम ने अभियान रोकने पर भी विचार किया, लेकिन वन विभाग की टीम ने तलाश जारी रखी।
खबरें और भी
महराजगंज के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) निरंजन सुर्वे ने सिंचाई विभाग से संपर्क कर नहर का पानी कम कराने का अनुरोध किया। सोमवार सुबह जलस्तर घटने के बाद सुम्हाखोर और सिसवा शुक्ल के पास डॉल्फिन को दोबारा ट्रैप किया गया और सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व टीएसए की टीम लीडर डॉ. अरुणिमा सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी महराजगंज निरंजन सुर्वे व गोरखपुर के उप वनाधिकारी महराजगंज विनीत कुमार ने किया।
गंगा डॉल्फिन राष्ट्रीय जलीय जीव होने के साथ अत्यंत संवेदनशील और संरक्षित प्रजाति है। तीन जिलों के वन विभाग, टीएसए, सिंचाई विभाग तथा महराजगंज और कुशीनगर पुलिस के बेहतर समन्वय से यह चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान सफल हो सका। डॉल्फिन का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद उसे उसके अनुकूल प्राकृतिक आवास राप्ती नदी में सुरक्षित पुनर्वासित किया गया है। -निरंजन सुर्वे, डीएफओ, महराजगंज।