महराजगंज में सऊदी जाने से पहले बुझ गए दो घरों के चिराग, टूटी उम्मीदें
महराजगंज के दो चचेरे भाई कृष्णा और शिवलाल पासवान सऊदी अरब जाकर आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना देख रहे थे, लेकिन विदेश जाने से पहले ही एक हादसे में उनकी ...और पढ़ें

बाएं से शिवलाल व कृष्णा की फाइल फोटाे। जागरण
HighLights
चचेरे भाई कृष्णा-शिवलाल सऊदी जाकर आर्थिक सुधारना चाहते थे।
विदेश जाने से पहले ही हादसे में दोनों की मौत।
परिवारों की उम्मीदें टूटीं, पूरे गांव में पसरा मातम।
संवाद सूत्र (सिसवा) महराजगंज। बेहतर रोजी-रोटी की तलाश में सऊदी अरब जाकर घर की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना देख रहे दो चचेरे भाइयों कृष्णा पासवान और शिवलाल पासवान की असमय मृत्यु ने पूरे स्वजन को गहरे सदमे में डाल दिया। दोनों इसी महीने सऊदी अरब जाने वाले थे। विदेश जाने की लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी थीं और शुक्रवार को एजेंट से अंतिम बातचीत भी हो गई थी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। हादसे ने दोनों के स्वजन की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
कोठीभार थाना क्षेत्र के ग्राम सभा रजवल मदरहा निवासी सत्यनारायण और गोविंद सगे भाई हैं। दोनों आर्थिक रूप से कमजोर हैं और लंबे समय से घर की माली हालत सुधारने के लिए अपने बेटों के विदेश जाने का इंतजार कर रहे थे। कृष्णा अपने पिता की दूसरी संतान था। उसका बड़ा भाई टुन्नु व बहन बबिता है।
वहीं शिवलाल अपने पिता का दूसरे नंबर का संतान था। जबकि बड़ी बहन सुधा और उसका छोटा भाई राजन पासवान है। कृष्णा ने इंटरमीडिएट तक शिक्षा प्राप्त की थी, जबकि शिवलाल हाईस्कूल तक पढ़ा था। पढ़ाई पूरी करने के बाद दोनों रोजगार की तलाश में थे। गांव में पर्याप्त रोजगार न मिलने के कारण उन्होंने सऊदी अरब जाकर काम करने का फैसला किया था।

इसके लिए पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं। स्वजन के लोग भी उनके विदेश जाने की तैयारी में जुटे थे। शुक्रवार को एजेंट से बातचीत के बाद यह लगभग तय हो गया था कि इसी महीने दोनों सऊदी के लिए रवाना हो जाएंगे। विदेश जाने से पहले दोनों अपने रिश्तेदारों और परिचितों से मिल रहे थे।
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स्वजन इस उम्मीद में थे कि कुछ ही महीनों में उनकी आर्थिक परेशानियां कम हो जाएंगी और घर की स्थिति सुधरने लगेगी। लेकिन एक ही घटना में दोनों चचेरे भाइयों की मृत्यु ने पूरे स्वजन को तोड़कर रख दिया। जिन घरों में विदेश जाने की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम पसरा है। माता अनिता देवी व सीमा देवी सहित अन्य स्वजन रो-रोकर बेसुध हो जा रहे हैं।
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गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। हर किसी की जुबान पर यही बात है कि मेहनत और संघर्ष के दम पर घर की तकदीर बदलने का सपना देखने वाले दो युवकों की जिंदगी बीच रास्ते में ही थम गई। दोनों अपने माता-पिता का सहारा बनने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उनकी असमय मृत्यु से स्वजन पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है।