नेपाल में तबाही के बाद UP में अलर्ट, भोटेकोशी की बाढ़ से नारायणी-कोसी उफान पर; बाल्मीकि बैराज पर मंडराया खतरा
नेपाल की भोटेकोशी नदी में बाढ़ के बाद महराजगंज प्रशासन ने नारायणी नदी के किनारे गांवों में सतर्कता बढ़ा दी ...और पढ़ें

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HighLights
नेपाल की भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़।
महराजगंज में नारायणी नदी किनारे गांवों को किया अलर्ट।
बाढ़ पीएसी, एसडीआरएफ टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात।
जागरण संवाददाता, महराजगंज। नेपाल के रसुवा जिले के सीमावर्ती टिमुरे क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद महराजगंज प्रशासन ने नारायणी नदी के किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है। प्रशासनिक टीम ने सोहगीबरवा में सायरन बजाकर ग्रामीणों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। वहीं संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ पीएसी और एसडीआरएफ की टीमों को प्रभावित क्षेत्र में भेज दिया गया है।
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने प्रेसवार्ता में बताया कि भोटेकोशी नदी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। भोटेकोशी, त्रिशूली नदी तंत्र का हिस्सा है, ऐसे में इसके प्रभाव से नारायणी और कोसी नदी में जलस्तर बढ़ने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन बाल्मीकि बैराज और देवघाट पर लगातार निगरानी कर रहा है।
खतरे के निशान से ऊपर जाने की आशंका
फिलहाल बाल्मीकि बैराज का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, और स्थिति सामान्य है, लेकिन अगले आठ से 10 घंटे में जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान से ऊपर जाने की आशंका जताई जा रही है।
उन्होंने बताया कि संभावित खतरे को देखते हुए निचलौल तहसील के नारायणी नदी के पार टापू क्षेत्र में आने वाली तीन ग्राम पंचायतों सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहां के कुल आठ राजस्व गांवों में बाढ़ पीएसी और एसडीआरएफ की टीम भेज दी गई है। ग्रामीणों को पहले से सतर्क रहने को कहा गया है। जलस्तर बढ़ने और खतरे की स्थिति बनने पर लोगों को तत्काल ऊंचे स्थानों पर बनाए गए बाढ़ शरणालयों में स्थानांतरित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि राहत एवं बचाव की तैयारियों में पशुपालन, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास और पंचायतीराज विभाग की टीमें भी लगाई गई हैं। बाढ़ शरणालय और बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं तथा कंट्रोल रूम भी एक्टिव कर दिया गया है। बाल्मीकि बैराज में पानी बढ़ने के साथ ही निर्धारित मानकों के अनुसार राहत कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।
गांवों में सायरन से दी चेतावनी
संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासनिक टीम सोहगीबरवा पहुंची और सायरन बजाकर ग्रामीणों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। ग्रामीणों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।
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उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, और स्थिति सामान्य है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित आबादी को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
