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    महराजगंज में छात्रों की फर्जी हाजिरी लगाकर 8.85 लाख का किया गबन, तत्कालीन प्रधानाचार्य मसूद इशरत गिरफ्तार

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 02:24 PM (IST)

    महराजगंज के राजकीय आईटीआई में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत छात्रों की फर्जी हाजिरी लगाकर 8.85 लाख रुपये के गबन मामले में तत्कालीन प्रधानाचार्य ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. राजकीय आईटीआई के पूर्व प्रधानाचार्य गिरफ्तार

    2. पीएमकेवीवाई में 8.85 लाख का गबन

    3. छात्रों की फर्जी हाजिरी लगाकर हुआ घोटाला

    जागरण संवाददाता, महराजगंज। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत राजकीय आइटीआइ महराजगंज (धनेवा-धनेई) में छात्रों की फर्जी हाजिरी लगाकर 8.85 लाख गबन के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन प्रधानाचार्य मसूद इशरत को गिरफ्तार कर लिया है।

    उनकी संलिप्तता विवेचना के दौरान सामने आई, जिसके बाद शुक्रवार सुबह उन्हें संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद स्थित राजकीय आइटीआइ चकदही से गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में वह वहीं प्रधानाचार्य के पद पर तैनात हैं।

    महराजगंज में पीएम कौशल विकास मिशन के तहत फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार की टीम ने अगस्त 2025 में राजकीय आइटीआइ महराजगंज का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में अभिलेखों में 118 छात्रों का नामांकन दर्ज मिला, जबकि मौके पर केवल कुछ ही छात्र उपस्थित थे।

    जांच में छात्र अभिलेखों में हेराफेरी, आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) में फर्जी उपस्थिति, इलेक्ट्रानिक रिकार्ड में जालसाजी, अवैध रूप से छात्र प्रोफाइल तैयार करने और मूल्यांकन परिणाम फर्जी तरीके से प्रस्तुत करने की पुष्टि हुई। जिसके बाद 10 अगस्त 2025 को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के तत्कालीन राज्य सहभागिता अधिकारी विनय द्विवेदी की तहरीर पर सदर कोतवाली में तत्कालीन अनुदेशक अशोक यादव के विरुद्ध धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

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    पुलिस को तत्कालीन आइटीआइ प्रधानाचार्य व गोरखपुर गोरखनाथ थाना क्षेत्र के वजीराबाद कालोनी निवासी मसूद इशरत की संलिप्तता के भी साक्ष्य मिले। शुक्रवार की सुबह पुलिस की एक टीम ने उन्हें संतकबीरनगर खलीलाबाद के राजकीय आइटीआइ चकदही से गिरफ्तार कर लिया।

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    सदर कोतवाल निर्भय कुमार सिंह ने बताया कि विवेचना में मसूद इशरत की भूमिका सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है। मामले में अभी भी विवेचना जारी है।