महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा पर फल-फूल रहा तस्करी का धंधा, शराब का हब बने सरहदी गांव
महराजगंज के नौतनवा और सोनौली क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर नेपाली शराब की तस्करी तेजी से बढ़ रही है। सस्ती शराब की मांग और तस्करों के सुनियोजित तरीके ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
नौतनवा-सोनौली क्षेत्र में नेपाली शराब की तस्करी चरम पर।
सस्ती शराब की मांग से भारतीय गांवों में आपूर्ति बढ़ी।
तस्कर छोटे-छोटे खेपों में शराब भारतीय सीमा में पहुंचा रहे।
जागरण संवाददाता, नौतनवा(महराजगंज)। भारत-नेपाल सीमा से सटे नौतनवा और सोनौली क्षेत्र के कई सरहदी गांव इन दिनों नेपाली शराब की तस्करी के बड़े केंद्र बनते जा रहे हैं। सस्ती कीमत व आसानी से उपलब्ध होने के कारण भारतीय गांवों में नेपाली शराब की मांग लगातार बढ़ रही है। इसका फायदा उठाकर तस्कर सुनियोजित तरीके से शराब की खेप भारतीय सीमा तक पहुंचा रहे हैं।
नेपाल की डिस्टलरी फैक्ट्रियों से शराब पहले सीमा से सटे नेपाली गांवों में दुकानों और गोदामों की आड़ में डंप की जाती है। इसके बाद छोटे-छोटे कैरियरों के माध्यम से खेतों, पगडंडियों और ग्रामीण रास्तों से शराब की पेटियां भारतीय सीमा में पहुंचाई जाती हैं। इसके बाद स्थानीय स्तर पर इनकी आपूर्ति कर दी जाती है। तस्कर एक साथ बड़ी खेप भेजने के बजाय छोटे-छोटे हिस्सों में शराब पार कराते हैं, जिससे कार्रवाई से बचा जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा पर समय-समय पर बरामदगी होने के बावजूद तस्करी का नेटवर्क पूरी तरह नहीं टूट सका है। सीमावर्ती गांवों में शाम होते ही शराब की अवैध बिक्री की गतिविधियां तेज हो जाती हैं। इससे युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ने के साथ ही कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका बनी रहती है।
सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस समय-समय पर नेपाली शराब की खेप पकड़ती रही हैं, लेकिन तस्कर नए रास्ते और नए तरीके अपनाकर धंधा जारी रखे हुए हैं। आबकारी निरीक्षक गौरव चंद्रा ने बताया कि नेपाली शराब की अवैध तस्करी का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। विभाग समय-समय पर छापेमारी अभियान चलाता है।