महराजगंज में नई रेल लाइन परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, अंडरपास बनकर तैयार; पुलों का काम भी हुआ तेज
महराजगंज की आनंदनगर-घुघली नई रेल लाइन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसमें भूमि अधिग्रहण और अधिकांश अंडरपास का निर्माण पूरा हो चुका है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
भूमि अधिग्रहण लगभग पूरा, अधिकांश अंडरपास तैयार।
बड़े पुलों, ओवरब्रिज और स्टेशनों का निर्माण तेज।
परियोजना 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित।
संवाद सूत्र, महराजगंज। जिले की बहुप्रतीक्षित 52.7 किलोमीटर लंबी आनंदनगर-घुघली वाया महराजगंज नई रेल लाइन परियोजना अब तेजी से धरातल पर उतरती दिख रही है। भूमि अधिग्रहण का कार्य लगभग पूरा होने के बाद विभिन्न स्थानों पर प्रस्तावित अधिकांश रेल अंडरपास बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि बड़े पुलों, ओवरब्रिज और रेलवे स्टेशनों का निर्माण भी रफ्तार पकड़ चुका है।
हालांकि मिट्टी नहीं मिलने के कारण अभी अब लोगों को रेल ट्रैक बिछने का इंतजार करना पड़ेगा। करीब 958.27 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना के तहत घघरुआ खंडेशर, रामपुर बल्डीहा, पिपरा मुंडेरी, लक्ष्मीपुर शिवाला, दरौली, फुलवरिया, सिसवा बाबू और महुअवा समेत कई स्थानों पर अंडरपास तैयार हो चुके हैं।
वहीं घुघली-महराजगंज खंड में पुल निर्माण के लिए शिकारपुर के निकट कोदइला में स्थापित मिक्सिंग प्लांट से पिलर एवं अन्य प्रीकास्ट संरचनाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। रेलवे ने परियोजना को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
53 गांवों से गुजरेगी रेल लाइन
जिले के 53 गांवों से होकर गुजरने वाली इस परियोजना के पहले चरण में वर्षा के बीच भी निर्माण कार्य जारी है, जबकि दूसरे चरण में स्टेशन, पुल और पुलियों के निर्माण में भी तेजी आई है।
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विभिन्न स्थानों पर गहरी पाइलिंग कर पुलों के आधार स्तंभ तैयार किए जा चुके हैं। एनएच-730 से जुड़े गोरखपुर-महराजगंज मार्ग पर कोदइला के पास आधुनिक रेलवे ओवरब्रिज तथा रोहिन नदी पर बड़े पुल का निर्माण भी तेजी से चल रहा है।
पूर्वोत्तर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर अजय कुमार ने बताया कि पहले चरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, और प्रथम चरण के अंडरपास के निर्माण पूरे हो चुके हैं। दूसरे चरण में भी प्रमुख पुलों का निर्माण शुरू हो चुका है।