नारायणी-गंडक में बाढ़ के बाद 'जहरीली' हुईं मछलियां, भूलकर भी खाया तो अस्पताल पहुंचना तय
नेपाल में आई बाढ़ के कारण नारायणी-गंडक नदी का पानी दूषित हो गया है, जिससे नदी की मछलियां स्वास्थ्य के ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, (निचलौल) महराजगंज। नेपाल में आई बाढ़ के बाद नारायणी-गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ नदी में बहकर आ रही मछलियां अब स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती हैं। बाढ़ के पानी के साथ मनुष्यों, पशुओं और अन्य जीव-जंतुओं के शव तथा विभिन्न प्रकार के जैविक पदार्थ नदी में बहकर आने से पानी के दूषित होने की आशंका है।
ऐसे में नदी की मछलियों के भी दूषित होने की संभावना को देखते हुए तहसील प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों से नदी से पकड़ी गई अथवा बहकर आई मछलियों का सेवन कतई नहीं करने की अपील की गई है।
उपजिलाधिकारी अवनीश त्रिपाठी ने नारायणी-गंडक नदी क्षेत्र का निरीक्षण कर मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तहसील प्रशासन को निर्देश दिया कि नदी किनारे स्थित गांवों में ग्राम प्रधानों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जाए। इसके लिए मुनादी कराने के साथ अन्य माध्यमों से भी लोगों को नदी की मछलियां पकड़ने और उनका सेवन नहीं करने के लिए सचेत किया जाए।
एसडीएम ने बताया कि बाढ़ के दौरान नदी में विभिन्न स्थानों से शव और अन्य जैविक पदार्थ बहकर आने के कारण पानी में संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। ऐसी स्थिति में नदी में मौजूद अथवा बाढ़ के साथ बहकर आने वाली मछलियों के दूषित होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। दूषित मछलियों के सेवन से खाद्य विषाक्तता अथवा अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए जब तक नदी का पानी सामान्य और सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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विभागों को भी किया गया सतर्क
निचलौल: नदी से मछली पकड़ने पर प्रभावी रोक लगाने और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए वन विभाग, सिंचाई विभाग और विकास विभाग को भी निर्देशित किया गया है। संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को नदी किनारे स्थित गांवों में निगरानी रखने को कहा गया है।
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प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि नदी में बहकर आई किसी भी मछली को पकड़कर घर न ले जाएं और न ही उसका सेवन करें। साथ ही नदी का पानी पीने अथवा घरेलू उपयोग में लेने से भी बचें। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि बाढ़ की मौजूदा स्थिति को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और जारी सावधानियों का पालन करें।
