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नेपाल-चीन सीमा त्रासदी: ग्यिरोंग में 546 लोग लापता, 49 भारतीय भी शामिल

Published: Wed, 02 Sep 2026 01:19 PM (IST)

नेपाल-चीन सीमा पर बाढ़ और भूस्खलन के छह दिन बाद भी 546 लोग लापता हैं, जिनमें 49 भारतीय नागरिक भी ...और पढ़ें

सोनौली सीमा पर शवों को नेपाल पुलिस को सौंपते भारतीय अधिकारी। जागरण

सोनौली सीमा पर शवों को नेपाल पुलिस को सौंपते भारतीय अधिकारी। जागरण

HighLights

  1. नेपाल-चीन सीमा पर बाढ़-भूस्खलन से 546 लोग लापता।

  2. लापता लोगों में 49 भारतीय, 104 नेपाली नागरिक।

  3. बचाव कार्य में दुर्गम क्षेत्र, मौसम बाधा बन रहा।

जागरण संवाददाता, नौतनवा। नेपाल-चीन सीमा पर आइ भीषण बाढ़ और भूस्खलन के छह दिन बाद भी तबाही का मंजर बरकरार है। चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग पोर्ट में 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 546 लोग अब भी लापता हैं।

इनमें 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार लापता विदेशी नागरिकों में 104 नेपाली और 49 भारतीय हैं। इसके अलावा लातविया के 33, अमेरिका के 18, ब्रिटेन के 15, कनाडा और आस्ट्रेलिया के छह-छह, दक्षिण अफ्रीका के चार, मलेशिया, जर्मनी और रूस के तीन-तीन नागरिक शामिल हैं।

लापता विदेशी नागरिकों में आयरलैंड, एस्टोनिया, फ्रांस, नीदरलैंड और न्यूजीलैंड के दो-दो नागरिक हैं। कजाखिस्तान, फिनलैंड, लिथुआनिया, पुर्तगाल, यूक्रेन, स्पेन और हंगरी के एक-एक नागरिक के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। चीनी प्रशासन ने संबंधित देशों के दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को इसकी सूचना दे दी है।

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ग्यिरोंग पोर्ट क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन के बाद भारी मात्रा में मलबा जमा है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, खड़ी घाटियां और मौसम की चुनौती बचाव अभियान में बाधा बन रही है। बचावकर्मी भारी मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से मलबे को हटाकर लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। पोर्ट तक पहुंचने वाली सड़क भी क्षतिग्रस्त हुई है, जिससे राहत सामग्री और मशीनरी पहुंचाने में परेशानी हो रही है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बताया कि कई दौर की तलाशी और सत्यापन के बाद फिलहाल ग्यिरोंग काउंटी में कोई विदेशी पर्यटक फंसा हुआ नहीं मिला है। इसका अर्थ यह नहीं है कि लापता विदेशी नागरिकों का पता चल गया है; उनकी तलाश और पहचान का काम जारी है।

नेपाल-चीन सीमा की त्रासदी का असर भारत-नेपाल सीमा सोनौली पर भी दिखाई दे रहा है। काठमांडू, पोखरा और अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले भारतीय यात्री नेपाल के मार्गों और वहां की सुरक्षा स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा का निर्णय कर रहे हैं।

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खासकर कैलाश-मानसरोवर यात्रा से जुड़े भारतीयों के लापता होने की सूचना ने यात्रियों और उनके स्वजन की चिंता बढ़ा दी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार लापता 49 भारतीय नागरिकों में कई ऐसे लोग थे जो तिब्बत की यात्रा पर थे।