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नेपाल में बाढ़ का खतरा बढ़ा, सोनौली सीमा पर यात्रियों के लिए अलर्ट जारी

Published: Fri, 04 Sep 2026 08:09 AM (IST)

नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में फिर से अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जिससे सोनौली सीमा ...और पढ़ें

भोटेकोशी-त्रिशूली में फ्लैश फ्लड की चेतावनी से काठमांडू-पोखरा जाने वाले यात्रियों की बढ़ी चिंता। जागरण

भोटेकोशी-त्रिशूली में फ्लैश फ्लड की चेतावनी से काठमांडू-पोखरा जाने वाले यात्रियों की बढ़ी चिंता। जागरण

HighLights

  1. नेपाल में भोटेकोशी-त्रिशूली नदी क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड का खतरा।

  2. सोनौली सीमा पर सतर्कता बढ़ी, यात्रियों को जानकारी लेने की सलाह।

  3. काठमांडू-पोखरा यात्रा प्रभावित, पर्यटन पर असर की आशंका।

संवादसूत्र, सोनौली। नेपाल में पिछले दिनों आई विनाशकारी बाढ़ से उबरने की कोशिशों के बीच भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में फिर फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए भारत-नेपाल सीमा के सोनौली क्षेत्र में भी सतर्कता बढ़ गई है। काठमांडू, पोखरा और नेपाल के अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले भारतीय यात्रियों के लिए प्रभावित मार्गों की स्थिति अहम हो गई है। सीमा पर नेपाल की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या और वहां के मार्गों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी तंत्र में अचानक बाढ़ की आशंका को लेकर चेतावनी जारी की है। बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग की बाढ़ विशेषज्ञ सरस्वती बिष्ट ने नदी किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखने की अपील की है। उनका कहना है कि वर्षा के कारण मुख्य नदियों के साथ उनकी सहायक नदियों में भी अचानक जलस्तर बढ़ सकता है।

नेपाल में दोबारा बाढ़ की चेतावनी के बाद सोनौली सीमा से नेपाल जाने वाले यात्रियों में मार्ग को लेकर असमंजस बढ़ गया है। खासकर काठमांडू और पोखरा जाने वाले पर्यटक यात्रा शुरू करने से पहले सड़क, पुल और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार पिछले दिनों की त्रासदी के बाद यात्रियों में पहले से ही भय का माहौल है। ऐसे में दोबारा बाढ़ की चेतावनी से पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका है।

भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में दोबारा बाढ़ का खतरा नेपाल में चल रहे राहत और बचाव अभियान के लिए भी चुनौती बन गया है। पिछले सप्ताह की आपदा में कई सड़कें, पुल और अन्य ढांचे क्षतिग्रस्त हुए थे। कई स्थानों पर संपर्क मार्ग बाधित होने से राहत सामग्री पहुंचाने में परेशानी सामने आई थी। ऐसे में अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन के साथ राहत कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं।

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सोनौली सीमा से नेपाल जाने वाले यात्रियों के लिए फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना महत्वपूर्ण हो गया है। विशेषकर काठमांडू और पोखरा जाने वाले यात्रियों को अपने मार्ग में पड़ने वाले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और सड़क संपर्क की ताजा स्थिति पर नजर रखनी होगी।