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पर्यटन पर दिखा नेपाल आपदा का असर, पोखरा और काठमांडू जाने वाले भारतीयों की संख्या हुई लगभग 'जीरो'

Published: Fri, 28 Aug 2026 04:03 PM (IST)

nepal flash flood नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण भारतीय पर्यटकों की आवाजाही पर गहरा असर पड़ा है, जिससे ...और पढ़ें

नेपाल आपदा का फाइल फोटो

नेपाल आपदा का फाइल फोटो

HighLights

  1. नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से पर्यटन पर गंभीर प्रभाव।

  2. काठमांडू-पोखरा जाने वाले भारतीय पर्यटक हुए शून्य।

  3. पर्यटक अब केवल भैरहवा, बुटवल, लुंबिनी तक सीमित।

जागरण संवाददाता, महराजगंज। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से उत्पन्न आपदा का असर अब भारत-नेपाल पर्यटन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पिछले तीन दिनों से भारतीय पर्यटक भैरहवा, बुटवल और लुंबिनी तक ही जा रहे हैं।

पोखरा और काठमांडू जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या मौजूदा समय में लगभग शून्य बताई जा रही है। इससे नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले भारतीय पर्यटक वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। सामान्य दिनों में सोनौली सीमा से प्रतिदिन औसतन 15 से 20 पर्यटक बसें और 45 से 50 पर्यटक वाहन नेपाल के विभिन्न पर्यटन स्थलों के लिए रवाना होते थे।

इनमें बड़ी संख्या पोखरा और काठमांडू जाने वाले पर्यटकों की होती थी। लेकिन आपदा के बाद हालात पूरी तरह बदल गए हैं। शुक्रवार को महज पांच पर्यटक बसें लुंबिनी पहुंचीं, जबकि करीब 10 पर्यटक वाहन बुटवल और भैरहवा तक ही गए।

पर्यटन कारोबार को होगा बड़ा नुकसान

नेपाल के प्रमुख मार्गों पर बाढ़ और भूस्खलन के कारण आवागमन प्रभावित होने से पर्यटक अब लंबी दूरी की यात्रा करने से बच रहे हैं। विशेषकर पोखरा और काठमांडू की यात्रा को लेकर पर्यटकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई पर्यटकों ने मार्ग की स्थिति सामान्य होने तक अपनी यात्रा स्थगित कर दी है। इसका सीधा असर सीमा से संचालित पर्यटन वाहनों पर पड़ रहा है।

पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि नेपाल में आपदा से सड़क संपर्क प्रभावित होने के साथ ही भारतीय पर्यटकों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।

यदि प्रमुख राजमार्ग जल्द सामान्य नहीं हुए तो पर्यटन कारोबार को और नुकसान उठाना पड़ सकता है। भैरहवा भंसार चीफ हरिहर पौडेल ने बताया कि भारतीय पर्यटक वाहनों की संख्या में कमी आई है। आपदा के कारण नेपाल आने वाले भारतीय पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

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