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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Maharajganj News: अनियमितता के आरोप में ग्राम प्रधान को नोटिस, डीएम ने की कार्रवाई; एक सप्ताह में देना पड़ेगा स्पष्टीकरण

    By Neeraj Neeraj Srivastava Edited By: Aysha Sheikh
    Updated: Sat, 06 Jan 2024 12:07 PM (IST)

    Maharajganj News अनियमितता के आरोप में महुअवा शुक्ल के प्रधान को नोटिस जारी किया गया है । कारण बताओ नोटिस में एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण उपलब्ध करा ...और पढ़ें

    Maharajganj News: अनियमितता के आरोप में ग्राम प्रधान को नोटिस, डीएम ने की कार्रवाई; एक सप्ताह में देना पड़ेगा स्पष्टीकरण
    Maharajganj News: अनियमितता के आरोप में ग्राम प्रधान को नोटिस, डीएम ने की कार्रवाई; एक सप्ताह में देना पड़ेगा स्पष्टीकरण

    जागरण संवाददाता, महराजगंज। जिलाधिकारी अनुनय झा ने महुअवा शुक्ल के ग्राम प्रधान दीनानाथ गुप्ता को अनियमितता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

    पनियरा विकास खंड के महुअवा शुक्ल के शिकायतकर्ता विनोद कुमार ने प्रधान दीनानाथ गुप्ता पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा था। जिलाधिकारी के निर्देश पर भूमि संरक्षण अधिकारी व जेई सिंचाई खंड महराजगंज द्वारा जांच कर 28 नवंबर, 2023 को आख्या उपलब्ध कराई गई।

    इसमें ग्राम पंचायत महुअवा शुक्ल में भोपत के घर से नाली तक हयूमपाइप नाली निर्माण अनियमितता पाई गई। जांच आख्या के अनुसार मौके पर प्राप्त कार्य लंबाई - 41.00 मीटर, पाइप का साइज -150 एमएम दर रुपये - 6662/- नगद भुगतान 118084 रुपये है।

    अवलोकन करने पर क्या मिला?

    मौके पर पत्रावली में प्राक्कलन का अवलोकन करने पर पाया गया कि 150 एमएम हयूम पाइप की दर से रुपये 1,06596 भुगतान किया गया है, जबकि लोक निर्माण विभाग के एसओआर में 150 एमएम पाइप की दर 1762.25 प्रति पाइप है। इस प्रकार 150 एमएम 16 ह्यूम पाइप की लागत 28196 रुपये होगी। ऐसे में 78400 रुपये अधिक भुगतान किया गया है।

    जिलाधिकारी ने कहा कि पत्र प्राप्ति के एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण सुसंगत साक्ष्यों सहित जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराएं, तथा क्यों न आपके विरुद्ध उप्र पंचायत राज अधिनियम 1947 यथा संशोधित धारा 95 (1) (छ) के अन्तर्गत वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार अतिक्रमित करते हुए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया जाए।

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