पनियरा विधायक का रिपोर्ट कार्ड: सरकारी योजनाओं का मिला लाभ, सड़क-परिवहन से लेकर जलनिकासी की समस्या बरकरार
महराजगंज के पनियरा विधानसभा क्षेत्र में चार वर्षों में हुए विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को दर्शाया गया है। हालांकि, जलभराव, खराब सड़ ...और पढ़ें

ज्ञानेंद्र सिंह, विधायक, पनियरा।
HighLights
पनियरा में 17.20 करोड़ के विकास कार्य, सड़कें, बिजली सुधरी।
जलभराव, खराब सड़कें, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी प्रमुख समस्या।
परतावल-पनियरा को तहसील बनाने का वादा अधूरा।
जागरण संवाददाता, महराजगंज। पनियरा विधानसभा क्षेत्र विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के मामले में लगातार आगे बढ़ रहा है। बीते चार वर्षों में सड़क, पुल, बिजली, शिक्षा, पेयजल और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया है। विधायक निधि से कुल 147 कार्यों पर लगभग 17.20 करोड़ रुपये खर्च कर विकास कार्यों को गति दी गई।
सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, नाली, खड़ंजा और हाईमास्ट लाइट, धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार सहित कई आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ। पनियरा और परतावल नगर पंचायतों को आदर्श नगर पंचायत का दर्जा मिला। भिटौली थाना भी अस्तित्व में आया। जल जीवन मिशन के तहत गांव में पेयजल टंकियों की स्थापना हुई। बाढ़ बचाव के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए।
डोमरा जर्दी बांध पर सोलिंग, पिचिंग और बोल्डर कार्य कराए गए। कई गांवों तक संपर्क मार्ग पहुंचे हैं। विद्युत आपूर्ति की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास, शौचालय, किसान सम्मान निधि तथा आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में पात्र लोगों को मिला है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों पर सुविधाएं बढ़ाने का प्रयास हुआ है। कृषि क्षेत्र में किसानों को सिंचाई, उर्वरक और सरकारी खरीद योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी सक्रियता रही। इसके बावजूद पनियरा विधानसभा क्षेत्र कई मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। वर्षा के दिनों में कई गांवों में जलभराव और सड़कें क्षतिग्रस्त होने से आवागमन प्रभावित होता है। कुछ ग्रामीण संपर्क मार्ग आज भी मरम्मत की प्रतीक्षा में हैं।
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नहरों की नियमित सफाई नहीं होने और समय से पानी न मिलने के कारण खेती प्रभावित होती है। पनियरा क्षेत्र के जंगल की तरफ तारबाड़ नहीं होने से किसानों के फसलों को हर वर्ष नुकसान पहुंचता है। कुछ क्षेत्रों में बिजली की लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है। स्वास्थ्य सेवाओं में भी कई चुनौतियां हैं। गंभीर रोगियों को बेहतर उपचार के लिए जिला मुख्यालय या गोरखपुर जाना पड़ता है।
पनियरा विधानसभा में वोटर
- कुल मतदाता- 393489
- पुरुष मतदाता- 214343
- महिला मतदाता-179142
सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी समय-समय पर महसूस होती है। औद्योगिक निवेश और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की मांग लगातार उठ रही है। उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसरों की जरूरत महसूस की जा रही है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में जलनिकासी, सड़क और सार्वजनिक परिवहन को लेकर भी लोग लंबे समय से मांग उठा रहे हैं। चुनाव के दौरान किया गया परतावल–पनियरा को तहसील बनाने का वादा अब तक पूरा नहीं हो सका। कुछ क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था, किसानों के लिए तारबाड़, खाद की उपलब्धता और सरकारी खरीद व्यवस्था को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
पनियरा विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। आधारभूत ढांचा सुदृढ़ करने के लिए सदन में मुद्दे भी उठाए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर विभिन्न परियोजनाओं को स्वीकृत करा विकास को गति दी गई। सड़क, पुल, बाढ़ सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए 138 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न कार्य कराए गए हैं। इन कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था बेहतर हुई। ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिली तथा बाढ़ व कटाव की समस्या से राहत भी मिली है। भुवना–कप्तानगंज–पकड़ीयार मार्ग के आठ किलोमीटर के चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्य तथा पकड़ी खुटहा–पनियरा–बेलटीकरा मार्ग का 20.50 किलोमीटर निर्माण कराया गया। मुजरी–टिकरिया मार्ग से मंसूरगंज और ग्राम राजपुर में सीसी सड़क निर्माण कार्य, सम्पर्क मार्ग नरकटहा एवं राजपुर में सीसी सड़क और नाली निर्माण कार्य कराया गया हैं। छोटी गंडक नदी तथा चौरी–मौलागंज–हसखोरी मार्ग पर दो पुलों का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा जर्दी डोमरा बांध पर 25 किलोमीटर खड़ंजा निर्माण, जर्दी डोमरा–बांध पर विभिन्न स्थानों पर कटाव निरोधक कार्य तथा औरहिया–गुरु गोरक्षनाथ मंदिर मार्ग निर्माण कार्य कराए गए हैं। -ज्ञानेंद्र सिंह, विधायक पनियरा।
विधायक निधि का उपयोग अपेक्षित पारदर्शिता और जनहित के अनुरूप नहीं किया गया है। विकास कार्यों में लापरवाही बरती गई, जिससे कई योजनाओं की गुणवत्ता प्रभावित हुई। ग्रामीण क्षेत्रों की अनेक सड़कें आज भी जर्जर स्थिति में हैं, जबकि उनकी मरम्मत और निर्माण की लंबे समय से मांग की जा रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में कटाव रोकने और तटबंधों की मजबूती के लिए अपेक्षित कार्य नहीं होने से हर वर्ष लोगों को नुकसान झेलना पड़ता है। स्थानीय समस्याओं के समाधान में गंभीरता नहीं दिखने से जनता खुद को उपेक्षित महसूस करती है। सिर्फ विकास का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। इन्हीं कारणों से यहां की जनता समस्याओं से जूझ रही है। -कृषभान सिंह सैंथवार, रनरअप (2022 विस चुनाव)।
पनियरा क्षेत्र में अब तक व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कोई बड़ा संस्थान स्थापित नहीं हो सका है। क्षेत्र में राजकीय डिग्री कालेज का अभाव है, जिससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है। कुछ सड़कों की स्थिति बेहतर हुई है, लेकिन अभी भी कई सड़कें बदहाल हैं। -अष्टभुजा पांडेय, कमासिन बुजुर्ग।
विधायक का कार्यकाल अब तक संतोषजनक रहा है। जिन क्षेत्रों में बिजली की सुविधा नहीं पहुंची थी, वहां भी विद्युतीकरण कराने का कार्य किया गया है। क्षेत्र में बिजली, सड़क, नाली व पानी की सुविधा बेहतर हुई है। आधारभूत ढांचा सुदृढ़ होने से विकास को गति मिली है। -हनुमान खेतान, परतावल।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सीएचसी परतावल के महिला विंग में सोलर प्लांट लगाया गया और अल्ट्रासाउंड मशीन भी उपलब्ध हो गई है। अब इसके संचालन की जरूरत है। इसके अलावा डिजिटल एक्स-रे की व्यवस्था की भी आवश्कयता है। ताकि रोगियों को बेहतर सुविधा मिल सके। -रंजय पटवा ग्राम छपिया।
पनियरा विधानसभा क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। जलभराव से किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। बिजली की व्यापक कटौती भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। कई विद्यालय जलभराव की चपेट में हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। -राजेश्वर त्रिपाठी, महुअवा शुक्ल।
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