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    युवा विज्ञानी राहुल सिंह की मौत मामले में नया मोड़, मृत्यु से पहले युवा विज्ञानी ने ADG से लगाई थी न्याय की गुहार

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 01:31 PM (IST)

    युवा विज्ञानी राहुल सिंह की आत्महत्या के मामले में उनकी मृत्यु से पहले एडीजी को की गई शिकायत सामने आई है। शिकायत में उन्होंने ड्रोन प्रोजेक्ट में धोखा ...और पढ़ें

    सिसवा के युवा विज्ञानी राहुल सिंह की मृत्यु का मामला। जागरण

    सिसवा के युवा विज्ञानी राहुल सिंह की मृत्यु का मामला। जागरण

    HighLights

    1. मृत्यु से पहले एडीजी को की थी शिकायत।

    2. ड्रोन प्रोजेक्ट में धोखाधड़ी, उत्पीड़न का आरोप लगाया।

    3. जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत लंबित दर्ज थी।

    संवादसूत्र, सिसवा बाजार, (महराजगंज)। युवा ड्रोन इनोवेटर एवं युवा विज्ञानी राहुल सिंह की आत्महत्या के मामले में अब एक और महत्वपूर्ण अभिलेख सामने आया है। राहुल की मृत्यु से पहले उत्तर प्रदेश जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज उनकी विस्तृत शिकायत और उससे जुड़े अभिलेख बताते हैं कि उन्होंने गोरखपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) से न्याय की गुहार लगाई थी।

    शिकायत में उन्होंने ड्रोन प्रोजेक्ट से जुड़े कथित धोखाधड़ी, विश्वासघात, आर्थिक विवाद, आपराधिक धमकी और लगातार मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। सिसवा नगर पालिका के इंदिरा नगर वार्ड निवासी राहुल सिंह ने 12 जून 2026 को एडीजी को संबोधित प्रार्थना-पत्र में बताया था कि वह पिछले लगभग 11 वर्षों से ड्रोन तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं तथा उनके कई प्रोजेक्ट राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो चुके हैं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2025 में ड्रोन परियोजना के सिलसिले में हुई साझेदारी के दौरान विश्वास हासिल कर उनकी तकनीकी जानकारी, शोध सामग्री और बौद्धिक संपदा का दुरुपयोग किया गया। राहुल ने शिकायत में यह भी दावा किया था कि परियोजना के दौरान 61.99 लाख रुपये के लेन-देन के बावजूद वादे के अनुरूप सहयोग नहीं मिला।

    जब उन्होंने अपने प्रोजेक्ट और धनराशि को लेकर सवाल उठाए तो उन पर फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार दबाव बनाया गया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। उनका कहना था कि इन घटनाओं से वह और उनके स्वजन लगातार मानसिक तनाव और उत्पीड़न का सामना कर रहे थे।

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    राहुल सिंह ने बैंक खातों के लेन-देन, काल डिटेल, व्हाट्सएप चैट, डिजिटल साक्ष्यों तथा ड्रोन प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कराने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई का अनुरोध किया था।

    राहुल ने अपने प्रार्थना-पत्र में आशंका जताई थी कि यदि भविष्य में उनके या स्वजन के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कराई जाए। उसने जनसुनवाई पोर्टल पर जो शिकायत की थी, उसका स्क्रीन शाट भी शेयर किया था।

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    शिकायत को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी तथा कोतवाली बस्ती के प्रभारी निरीक्षक को आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रसारित किया गया था। उपलब्ध रिकार्ड के अनुसार पोर्टल पर शिकायत की स्थिति लंबित दर्ज दिखाई गई। राहुल सिंह की आत्महत्या के मामले में चार लोगों के विरुद्ध मानसिक प्रताड़ना सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।

    ऐसे में मृत्यु से पहले एडीजी को भेजा गया यह प्रार्थना-पत्र और जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत अब पूरे मामले की जांच में महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जा रही है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।