फार्मर रजिस्ट्री में मैनपुरी के पिछड़ने पर डीएम ने संभाली कमान, सुधार के लिए बनाई विस्तृत कार्ययोजना
मैनपुरी में फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति के कारण जिले के 74वें स्थान पर आने के बाद डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कमान संभाली है। लेखपालों, कृषि विभ ...और पढ़ें

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक को संबोधित करते डीएम डा. इंद्रमणि त्रिपाठी। साभार सूचना विभाग

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जागरण संवाददाता, मैनपुरी। फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति के कारण प्रदेश में जिले के 74वें स्थान पर पहुंचने के बाद डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने स्वयं मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार को उन्होंने तहसील सदर और भोगांव के लेखपालों, कृषि विभाग के अधिकारियों तथा राजस्व कर्मियों के साथ बैठक कर प्रगति सुधारने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कराई।
प्रदेश में मैनपुरी 74वें स्थान पर
डीएम ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री केवल सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि किसानों को भविष्य की सभी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का आधार है। उन्होंने लेखपालों को निर्देश दिए कि क्लेम, अनक्लेम, मृतक, डुप्लीकेट और अनट्रेसेबल मामलों की अलग-अलग सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण करें। अंश निर्धारण के लंबित मामलों को पहले पूरा कराया जाए और उसके बाद किसानों की रजिस्ट्री सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों-लेखपालों को दिए सुधार के मंत्र
उन्होंने प्रत्येक राजस्व गांव के लिए माइक्रो प्लान तैयार करने तथा गांववार लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि केवल लेखपालों के भरोसे लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। पंचायत सहायकों, सीएससी संचालकों और स्थानीय शिक्षित युवाओं को भी अभियान से जोड़ा जाए। प्रत्येक गांव में दो से तीन सहयोगी तैयार कर किसानों से संपर्क स्थापित किया जाए और मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया जाए।
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उन्होंने आगामी एक माह तक विशेष अभियान चलाकर सभी पात्र किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम, तहसीलदार, जिला कृषि अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।