गद्दार हैं राघव चड्ढा... डिंपल यादव का AAP सांसदों पर हमला, कहा- पार्टी के भरोसे से बने सांसद
सपा सांसद डिंपल यादव ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों को 'गद्दार' बताया, कहा कि वे पार्टी के भरोसे से सांसद बने, जनता ने नहीं चुना। ...और पढ़ें

सपा की सांसद हैं डिंपल यादव।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। आम आदमी पार्टी (आप) की वजह से आप राज्यसभा सांसद बने। आप लोगों के बीच तो गए नहीं कि आपको लोगों ने चुनकर भेजा है। जिस पार्टी की वजह से आप राज्यसभा सांसद बने। आप जनता के बीच तो नहीं गए, आपको लोगों ने चुनकर नहीं भेजा। पार्टी ने आप पर भरोसा किया और आप दूसरी पार्टी में चले गए, मैं समझती हूं कि यह गद्दारी है। यह बातें सपा सांसद डिंपल यादव ने रविवार को पीडीए प्रहरी एवं कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने के बाद मीडिया से कहीं।
मैनपुरी में बोलीं सांसद, कहा लोगों ने नहीं चुना, आप की वजह से बने थे राज्यसभा सांसद
सांसद ने कहा कि ऐसे कदम लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करते हैं। उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं को तोड़ने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं। कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने नए चुनाव आयुक्त के आने के बाद कुछ लोगों को लाभ मिलने के आरोप भी लगाए।
बंगाल की सीएम हैं मजबूत नेता
सपा सांसद ने पश्चिम बंगाल के चुनावों को लेकर कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक मजबूत नेता हैं और आगामी चुनावों में फिर उनकी ही सरकार बनेगी। भले ही टीएमसी औपचारिक रूप से इंडिया गठबंधन का हिस्सा न हो, लेकिन संसद में उनकी भूमिका अहम है।
मणिपुर हिंसा को लेकर लगाए भाजपा पर आरोप
मणिपुर हिंसा को लेकर डिंपल यादव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 2023 से राज्य में हालात खराब हैं और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं, लेकिन सरकार शांति बहाल करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने संवाद के बजाय हालात बिगड़ने दिए।
खबरें और भी
गाजीपुर घटना पर सरकार को घेरा
सपा की सांसद डिंपल यादव ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर गाजीपुर की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा, दुष्कर्म और हत्या के मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल रहा। कई मामलों में एफआईआर दर्ज कराने में भी कठिनाई होती है और पिछड़े, दलित व अल्पसंख्यक समुदायों का शोषण जारी है।