Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    गेहूं के आटा में टेलकम पाउडर, मैनपुरी में पूर्व चेयरमैन के पुत्र की फैक्ट्री में गोलमाल; चमकदार और सफेद बनाने के लिए मिलावट

    By Veerbhan Singh Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Fri, 07 Aug 2026 11:03 PM (IST)

    मैनपुरी में एक अवैध आटा फैक्ट्री पकड़ी गई है, जहाँ गेहूं के आटे में टेलकम पाउडर मिलाया जा रहा था। पूर्व चेयरमैन के बेटे द्वारा संचालित इस फैक्ट्री से ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    जागरण संवाददाता, मैनपुरी। बाजार से घर लेकर आ रहे पैक्ड आटे को सेहतमंद न समझें। मुनाफा कमाने की चाहत में मिलावटखोर न जाने क्या क्या कर रहे हैं। टूंडला में गेहूं के साथ पत्थर पीसे जाने के मामले के बाद अब मैनपुरी में भी एक फैक्ट्री पकड़ी गई है। जहां गेहूं के आटे में टेलकम पाउडर मिलाया जा रहा था। फैक्ट्री भी पूर्व चेयरमैन का बेटा चला रहा था।

    खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कस्बा ज्योंती खुड़िया में खेत में चल रही अवैध आटा निर्माण इकाई पकड़ी है। पूर्व चेयरमैन के पुत्र द्वारा संचालित फैक्टरी में खराब क्वालिटी के गेहूं से आटा तैयार कर उसकी गुणवत्ता बढ़ाने और अच्छा दिखाने के लिए टेलकम पाउडर मिलाया जाता था। पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी में खाद्य विभाग की टीम ने टेलकम पाउडर की 43 बोरियां जब्त की हैं

    मशीनों की मदद से आटा में टेलकम पाउडर को मिलाने वाली मशीनें और 1500 किग्रा आटा भी मिला है। जांच के लिए नमूने प्रयोगशाला भेजने के साथ निर्माण इकाई को सील कर दिया गया है। निर्माण इकाई संचालक के विरुद्ध औंछा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

    ज्योंती खुड़िया में मिलावटी आटा निर्माण इकाई की सूचना पर गुरुवार शाम मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एके पाठक के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी बृजेंद्र कुमार एवं इंद्रजीत सिंह ज्योंती चौकी पुलिस के साथ पहुंचे। यहां गांव से अंतिम छोर पर खेत में संचालित आटा निर्माण इकाई की जांच की।

    खबरें और भी

    इस फैक्टरी के के संचालक अजीत कुमार के पिता नरेंद्र कुमार वर्ष 2001 से 2006 तक नगर पंचायत ज्योंती खुड़िया के चेयरमैन भी रहे हैं।
    टीम को यहां कई पैकिंग मशीनों के साथ मिक्चर मशीन व बोरियों की सिलाई मशीन मिलीं। यहां एक हिस्से में 43 बोरियां रखी थीं, जिनमें संदिग्ध पाउडर भरा था। जांच और पूछताछ में इकाई संचालक अजीत कुमार ने इनमें टेलकम पाउडर होने की बात स्वीकारी।

    बोरियों में 2150 किग्रा टेलकम पाउडर भरा हुआ था, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 32250 रुपये आंकी गई है। पास ही 50 किग्रा आटा भी बरामद हुआ है। मशीन में एक बोरी फंसी हुई थी, जिसमें आटा में टेलकम पाउडर को मिलाया जा रहा था

    पूछताछ में सामने आया कि निर्माण इकाई से संबंधित कोई वैध लाइसेंस नहीं है। अवैध रूप से संचालन किया जा रहा था। संचालक माल से संबंधित कोई भी कागजात नहीं दिखा सके। भ्रमित करने के लिए निर्माण इकाई से पहले कुछ दूरी पर एक अतिरिक्त आटा चक्की भी लगवाई गई है, जो पंजीकृत है।

    बरामद माल को संचालक की ही अभिरक्षा में देकर टीम ने पुलिस की मौजूदगी में निर्माण इकाई को सील कर दिया है। अलग-अलग नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। रात लगभग 10 बजे के बाद औंछा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

    आटा में चमक लाने को मिलाते थे पाउडर

    मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि पूछताछ में निर्माण इकाई संचालक द्वारा 14 से 15 रुपये प्रति किलो की दर से आटा बेचने की बात स्वीकारी गई थी। बताया था कि हर बोरी में लगभग मशीन की मदद से टेलकम पाउडर को मिलाते थे।

    इससे घटिया किस्म का आटा भी चमकदार, सफेद और चिकना बन जाता था। सस्ती दर पर अच्छा दिखने के कारण ग्रामीण दुकानदार इसे आसानी से खरीद लेते थे। एक बोरी तैयार करने में सात से आठ रुपये प्रति किलो की लागत आती थी।

    राजस्थान से हो रही थी टेलकम पाउडर की आपूर्ति

    टेलकम पाउडर की बोरियों पर टीएएलसी तथा गोतचा ग्रुप लिखा है। गोतचा ट्रेड सेंटर एआइ रोड, जयपुर, राजस्थान, इंडिया का पता अंकित है। इस संबंध में संपूर्ण सूचना पुलिस को दी गई है।

    मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि पुलिस के स्तर से उक्त पते की जांच कराई जाएगी। दुकानदार द्वारा खरीद बिक्री से संबंधित कोई अभिलेख नहीं दिखाए गए थे। लैब से पाउडर की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इसके हानिकारक होने के स्तर को बताया जा सकता है। वैसे भी टेलकम पाउडर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ही है।

    टेलकम पाउडर मिलाकर आटा तैयार किया जा रहा था। मौके से कई प्रमाण मिले हैं। मानव स्वास्थ्य से सीधा खिलवाड़ है। नमूने जांच को भेजने के साथ इकाई को सील कर दिया गया है। औंछा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

    -

    - डा. श्वेता सैनी, सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय।